सोनभद्र ब्यूरो कार्यालय
रेणुकूट/सोनभद्र। कथा वाचक पं. श्री प्रदीप मिश्रा जी (सीहोर वाले) द्धारा बीड़ महाराष्ट्र में कथा के दौरान न वैश्विक न्यायाधीश भगवान श्री चित्रगुप्त जी और यमराज का मजाक उड़ाकर न केवल देवता अपितु सत्य सनातन धर्म का अपमान किया है जो की अक्षम्य है । उक्त बातें अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष मुकुल श्रीवास्तव ने मीडिया से बातचीत के दौरान कही बातचीत के क्रम में उन्होने आगे कहा कि सारे जीव जगत के कर्मों का लेखा जोखा रखने वाले वैश्विक न्यायाधीश भगवान श्री चित्रगुप्त जी का उपहास करते हम सब के आराध्य देव भगवान श्री चित्रगुप्तजी को लेकर अभद्र टिप्पणी की, जिससे ऐसा लगता है की प्रदीप मिश्रा जी अपनी वाणी के साथ मनो स्थिति को खोते जा रहे हैं भगवान श्री चित्रगुप्तजी व यमराज जी का ही नहीं पूरे सृष्टि के लोगो का अपमान है । भगवान श्री चित्रगुप्तजी समस्त प्राणियों का लेखा-जोखा रखने के साथ साथ कायस्थ समाज के कुलवंश हैं उन पर की गई इस तरह की टिप्पणी से पूरे कायस्थ समाज को आघात पहुंचा रहीं है । उन्होने भगवान श्री चित्रगुप्तजी व यमराज जी के साथ साथ पूरे कायस्थ समाज से माफी मांगनी चाहिए अगर वो ऐसा नहीं करते हैं तो उन पर कानूनी कार्यवाही करने पर संपूर्ण कायस्थ समाज मजबूर होगा।











