राजाराम म्योरपुर
सोनभद्र। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आहृवान पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ सोनभद्र 1 सितंबर 2025 को जनपद के शत् प्रतिशत विद्यालयों में "हमारा विद्यालय - हमारा स्वाभिमान " पंच संकल्प कार्यक्रम का आयोजन किया। जिसमें लाखों विद्यार्थी, शिक्षक, अभिभावक, अधिकारी व जनप्रतिनिधिगण विद्यालयों की प्रार्थना सभाओं में पंच संकल्प लेकर "हमारा विद्यालय - हमारा स्वाभिमान" का उद्घोष कर इस संकल्प का आत्मसात् किया।
मण्डल अध्यक्ष अखिलेश वत्स ने किरबिल विद्यालय में संकल्प लेते हुए कहा कि देश के सबसे बड़े शिक्षक संगठन अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आहवाहन पर विद्यालयों की प्रार्थना सभाओं में उत्साहपूर्वक पंच संकल्प लिया गया। यह आयोजन शैक्षिक जगत में एक इतिहास रचने का कार्य करेगा। जिलाध्यक्ष अशोक कुमार त्रिपाठी ने तेंदुहार विद्यालय पर संकल्प लेते हुए कहा कि विद्यालय केवल भवन नहीं है बल्कि संस्कारों का तीर्थ है।विद्यालय को भारत में हमेशा विद्या का मंदिर माना गया है। यह कार्यक्रम प्राचीन भारतीय परंपरा में शिक्षा के उद्देश्य का संवाहक एवं संवर्धक बनेगा जिससे चरित्र निर्माण, व्यक्ति निर्माण एवं राष्ट्र के पुनर्निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा एवं विद्यार्थी व शिक्षक मिलजुल कर शैक्षिक उन्नयन एवं राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के लिए कार्य करेंगे।


महामंत्री इन्दूप्रकाश सिंह रघुनाथपुर विद्यालय में शपथ लेते हुए कहा कि “हमारा विद्यालय हमारा तीर्थ है, हमारी आत्मा का अभिमान है और राष्ट्र निर्माण का आधार है।” संगठनमंत्री गणेश पाण्डेय संकल्प लेते हुए कहा कि विद्यालय वह प्रयोगशाला है जहां भविष्य के नागरिक गढ़े जाते हैं। मीडिया प्रभारी सौरभ कार्तिकेय व सह मीडिया प्रभारी आनंद देव पांडेय ने कहा मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम, पूरे संसार को गीता का ज्ञान देने वाले योगेश्वर भगवान श्री कृष्ण से लेकर महात्मा गांधी, डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन, डॉ एपीजे अब्दुल कलाम जैसे अनेक महापुरुषों के जीवन एवं सफलता की जड़ें उनके विद्यालयों के संस्कारों में निहित है।

कार्यक्रम के जिला संयोजक जय प्रकाश विश्वकर्मा तथा सहसंयोजक दिनेश कुमार दुबे व ममता पांडेय ने बताया विद्यालयों में हम किताबो के ज्ञान के साथ मित्रता, सहयोग, भाईचारा, अनुशासन, परिश्रम खेलकूद, संगीत, कला, सांस्कृतिक गतिविधियों में सहभागिता करते हैं जिससे हमारे संपूर्ण व्यक्तित्व का विकास होता है।वरिष्ठ उपाध्यक्ष बृजेश महादेव व मेघनाथ प्रसाद ने कहा कि हमारे शिक्षा संस्थानों की लंबी गौरवमयी ऐतिहासिक परंपरा है। तक्षशिला नालंदा, विक्रमशिला जैंसे विश्विद्यालयों ने विश्व को ज्ञान देकर सकारात्मक दिशा और दशा देकर भारत को विश्व गुरु का गौरव प्रदान किया है।

संयुक्त मंत्री कमलेश विश्वकर्मा व कमलेश गुप्ता ने कहा कि भारतीय दृष्टि में शिक्षा का ध्येय केवल रोजगार नहीं बल्कि संपूर्ण मनुष्य का निर्माण है। म्योरपुर बीआरसी में संकल्प दिलाते हुए विनोद पांडेय, राममूर्ति, रजनीश श्रीवास्तव, मनीष राय,विक्रमा राम, शालिनी गुप्ता, रमेश कुमार, प्रहलाद वर्मा, अमित वर्मा, राजेश दुबे, छोटेलाल साहू , राकेश दुबे, अर्जुन राणावत, मनोज शुक्ला, विवेक झा, कृष्णकांत, बसन्त यादव व हीरामणि ने कहा विद्यालय में हम वसुधैव कुटुंबकम की भारतीय परंपरा को आत्मसात करते हुए जाति, पंथ, धर्म, वर्ग, लिंग भाषा, धर्म के किसी भेदभाव के बगैर सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता की मजबूती के लिए कार्य करेंगे। कोषाध्यक्ष संतोष चौरसिया ने कार्यक्रम की सफलता पर सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में तीर्थ वह है जो आत्मा को शुद्ध करें अपने विद्यालय को तीर्थ मानने से उसमें श्रद्धा और समर्पण का भाव जागेगा।

1 सितम्बर 2025 का दिन केवल “हमारा विद्यालय हमारा स्वाभिमान” संकल्प कार्यक्रम का आयोजन दिन मात्र नहीं बल्कि शैक्षिक उन्नयन एवं राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के सृजनात्मक आंदोलन की शुरुआत है। इसलिए हम सब मिलकर हमारे विद्यालय को मन, वचन, कर्म से हमारा स्वाभिमान, हमारा तीर्थ बनाने का संकल्प लिया।











