• जबकि सरकार पेड़ लगाने के लिए प्रतिवर्ष, करोड़ों रुपया भेज रही है।
म्योरपुर राजाराम
सोनभद्र। रेंज म्योलपुर क्षेत्र अंतर्गत रनटोला जंगल में सागौन और खैर की कीमती पेड़ों की अवैध घटान का मामला सामने आया है जब वन विभाग सोमवार को इस मामले की जांच शुरू कर दी है लेकिन यह पता लगाया जा रहा है यह किसके माध्यम से यह कटान की जा रही है जबकि स्थानीय रेंज के आश्रम मोड़ और मुर्धवा मार्ग के बीच स्थित जंगल में टीम ने स्थलीय निरीक्षण किया है।और जबकि जांच में पाया गया है कि तस्कर पिकअप वाहन से अंदर जंगल में घुसे और ऑटोमेटिक मशीन से पेड़ों की कटाई की है तस्करों ने चार दिन पहले आधा दर्जन पेड़ काटे और शनिवार की रात भी इतने ही पेड़ों की कटाई की रेंजर जबर सिंह के अनुसार अज्ञात लोगों के खिलाफ वन विभाग अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है बीट के वाचर की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। जिसे अब दूसरे बीट में ही स्थानांतरित किया जाएगा। स्थानिक ग्रामीण का कहना है कि वन माफिया लंबे समय से कीमती लड़कियों का कई वर्षों से अवैध कटाई कर रहे हैं जब रनटोला मनबसा जंगलों में सखू,शीशम ,विजय साल, खैर आदि लड़कियों का अवैध तरीके से कटान हो चुका है।

जिस पर वन विभाग पूर्ण रूप से अंकुश लगाने में नाकाम रही है। अगर इसी तरह से जंगलों में पेड़ों का कटान होता रहे तो एक दिन में पूरा जंगल साफ हो जाएगा। जहां तक की सरकार प्रतिवर्ष करोड़ों रुपया लगाकर पौधा रोपण कराती है जिसका सुरक्षा करना वन विभाग की होती है। लेकिन वन विभाग के ही कुछ ऐसे कर्मचारी हैं की मिलीभगत से एक तरफ पौधारोपण की बात करते हैं तो एक तरफ पौधा धरोहण हो रहा हैं। जबकि वन विभाग पूर्ण जिम्मेदारी होती है कि इस पर अंकुश लगाए। इतना लंबा कटान होने का कारण है कि वन विभाग की मिली भगत से किया जा रहा है। जबकि वन विभाग चुस्त दुरुस्त रहेगी तो पिकअप लकड़ी व माफिया मौके पर पकड़े जा सकते हैं अज्ञात नहीं हो सकते जो कि अज्ञात खिलाफ एफआईआर की जा रही हैं इसमें वन विभाग को पूर्ण रूप से अपने विभाग के नियमों का पालन करना पड़ेगा तभी बन माफिया पकड़े जा सकते हैं।











