किशन पाण्डेय/सोनभद्र
रेणुकूट।क्षेत्र के मुर्धवा में स्थित समन्वय परिवार मैदान में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में श्रीधाम वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक पूज्य स्वामी अखिलेश्वरानंद जी महाराज ने भगवान शिव–पार्वती विवाह की दिव्य कथा का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान का नाम जप मनुष्य के समस्त पापों का नाश कर देता है और जीवन में शांति एवं सद्गुणों का उदय होता है।महाराज जी ने हिमालय पर सम्पन्न इस अलौकिक विवाह का वर्णन करते हुए बताया कि देव, दानव, यक्ष, गंधर्व और विभिन्न लोकों के समस्त प्राणियों ने अपने-अपने रूप और वैभव के साथ इस दिव्य आयोजन में सहभागिता की।

शिव बारात का अद्भुत स्वरूप-भूत-गण, नागाभूषण, तांडवमय तेज और महामृत्युंजय रूप-कथा का केंद्र रहा, जिसे सुनकर श्रद्धालु उत्साह और भक्ति से भर उठे। कथा के दौरान माता पार्वती की तपस्या, उनका सौंदर्य और भगवान शिव के प्रति उनके समर्पण ने भक्तों को भाव-विभोर कर दिया। विवाह संस्कारों का मंचन होते ही पूरा पंडाल “हर-हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा और वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहे तथा अंत में प्रसाद वितरण किया गया। आयोजकों ने बताया कि शिव विवाह का यह पावन प्रसंग समाज को प्रेम, धैर्य, त्याग और संतुलन का संदेश देता है।












