सुभाष पाण्डेय/सोनभद्र
सोनभद्र। जनपद के नगवा ब्लॉक के देवहार गांव में आदिवासी युवक लक्ष्मी खरवार की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि युवक की मौत के मामले में पुलिस और एक निजी NGO की भूमिका की जांच होनी चाहिए। पार्टी ने मामले की CBI या उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराने की मांग की है बुधवार दोपहर 3 बजे कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष रामराज गौड़ के अनुसार 23 सितंबर को लक्ष्मी खरवार का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी के फंदे पर लटका मिला था। मृतक के भाई लक्ष्मण खरवार ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि घटना से पहले गांव में एक निजी NGO की एंबुलेंस दवा वितरण के लिए आई थी। दवा लेने को लेकर विवाद होने के बाद पुलिस के घर पहुंचने और लक्ष्मी के साथ मारपीट व धमकी दिए जाने का आरोप लगाया गया है।
परिजनों ने उसकी मौत को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है मामले की जानकारी लेने के लिए जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष रामराज सिंह गोंड के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल देवहार गांव पहुंचा और परिजनों से मुलाकात की। जिलाध्यक्ष ने मामले को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की कांग्रेस ने मांग की कि मामले की CBI अथवा उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए, मांची थाने के संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच कर दोष सिद्ध होने पर कार्रवाई की जाए तथा हंस फाउंडेशन की भूमिका की भी जांच हो। पार्टी ने पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी की।












