उदय चंद गुर्जर/ जरहा
बीजपुर/सोनभद्र। जिले के बीजपुर से बकरिहवा तक जाने वाली लगभग 22 किलोमीटर की मुख्य सड़क इन दिनों एनटीपीसी की राखड़ (Fly Ash) से लदे वाहनों के कारण मौत की सड़क बनती जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रिहंद नगर स्थित एनटीपीसी से राखड़ लेकर बकरिहवा क्षेत्र की ओर जा रहे ओवरलोड और मानक विहीन ट्रकों में भरी गीली राख पूरे दिन सड़क पर गिरती, टपकती और उड़ती रहती है। खुला परिवहन होने से सड़क पर चलने वाले राहगीरों, बाइक सवारों और दुकानदारों का सांस लेना दूभर हो गया है। राख के कारण आंखों में जलन और सांस की बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
सड़क पर कई-कई जगहों पर राख की मोटी परत जम गई है, जिससे फिसलन बढ़ गई है और आए दिन बाइक सवार गिरकर घायल हो रहे हैं। कई दुकानों और घरों में राख घुस रही है।
एनजीटी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों के अनुसार राख परिवहन में वाहनों को पूरी तरह से तिरपाल से ढकना, पानी का छिड़काव और निर्धारित समय पर परिवहन अनिवार्य है, लेकिन इसका खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। न तो गाड़ियां ढकी जा रही हैं और न ही कोई छिड़काव।
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार शिकायत के बाद भी परिवहन पर कोई अंकुश नहीं लगा है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति बकरिहवा, इंजानी, सेवकामोड़, जरहा, चेतवा, नेमना और सिरसोती तक है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से ओवरलोड और खुले राख परिवहन पर तत्काल रोक लगाने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।












