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सोनभद्र-: गौमाता को राष्ट्रजीवन का आधार बताते हुए गौसंरक्षण, भारतीय संस्कृति के संरक्षण तथा धर्मरक्षा हेतु समाज को संगठित एवं जागरूक रहने का किया आह्वान

kishan Pandey (Editor)

By kishan Pandey (Editor)

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सोनभद्र ब्यूरो कार्यालय


सोनभद्र। सनातन वैदिक परम्परा, गौसंरक्षण एवं धर्मजागरण के दिव्य उद्देश्य को लेकर संचालित पावन “गविष्ठी यात्रा” के अंतर्गत ज्योतिर्मठ बदरिकाश्रम के ज्योतिष्पीठाधीश्वर, अनन्तश्रीविभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती जी महाराज का पावन आगमन सोनभद्र नगर स्थित श्री राम जानकी मंदिर न्यास परिसर में अत्यन्त श्रद्धा, भक्ति एवं वैदिक मंगलध्वनियों के मध्य सम्पन्न हुआ। जगद्गुरु शंकराचार्य जी के मंदिर परिसर में आगमन पर श्रद्धालुओं, गौभक्तों एवं सनातन धर्मावलम्बियों द्वारा शंखनाद, घड़ियाल एवं घंटियों की मंगलमयी ध्वनियों के साथ उनका भावपूर्ण स्वागत किया गया। मंदिर के तोरणद्वार पर महिलाओं द्वारा मंगल कलश के साथ पूज्यपाद शंकराचार्य जी का अभिनन्दन किया गया, जिससे सम्पूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा एवं भक्तिभाव से आलोकित हो उठा। जयघोष एवं वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य पूज्यपाद शंकराचार्य जी ने श्रीराम-जानकी सरकार सहित मंदिर परिसर में विराजमान समस्त देवी-देवताओं का विधिवत पूजन-अर्चन कर राष्ट्र, धर्म एवं गौसंरक्षण की मंगलकामना की।

इस अवसर पर मंदिर परिसर में प्रस्तावित भगवान श्री परशुराम जी की प्रतिमा स्थापना हेतु शिला पूजन का पावन अनुष्ठान भी सम्पन्न हुआ। वैदिक रीति से सम्पन्न इस कार्यक्रम में धर्म, शौर्य एवं सनातन संस्कृति के प्रतीक भगवान परशुराम के आदर्शों के संरक्षण एवं प्रसार का संकल्प लिया गया। मंदिर न्यास के अध्यक्ष डॉ. मार्कण्डेय राम पाठक द्वारा जगद्गुरु शंकराचार्य जी की पादुका पूजन कर उनका अभिनन्दन एवं स्वागत किया गया। कार्यक्रम में मंदिर न्यास के प्रबंधक श्री आशुतोष पाठक जी ने स्वागताध्यक्ष के रूप में समस्त व्यवस्थाओं का संचालन किया। सम्पूर्ण वातावरण वैदिक मंत्रों, गौमाता के जयघोष एवं हरिनाम संकीर्तन से भक्तिमय बना रहा। सनातन परम्परा के अनुसार सूर्यास्त के पश्चात मौन-व्रत की मर्यादा का पालन होने के कारण जगद्गुरु शंकराचार्य जी द्वारा सार्वजनिक संबोधन नहीं दिया गया, तथापि उनके सहचर संतों एवं आचार्यों द्वारा उपस्थित श्रद्धालुओं को “गविष्ठी संकल्प” दिलाया गया। इस दौरान गौमाता को राष्ट्रजीवन का आधार बताते हुए गौसंरक्षण, भारतीय संस्कृति के संरक्षण तथा धर्मरक्षा हेतु समाज को संगठित एवं जागरूक रहने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं गौभक्तों की उपस्थिति रही। प्रमुख रूप से रामानंद पाण्डेय, कौशलेश पाठक, धीरज पाण्डेय, शशांक मिश्रा, मृदुल मिश्रा, मोनू पाण्डेय, अभिषेक चौबे, जितेन्द्र देव, संदीप शुक्ला, विनोद, कैलाश नाथ, रोहिल मिश्रा, प्रांजल, अनुपम, राजेश द्विवेदी, अरविन्द सिंह, विकास, सुशील पाठक, शैलेन्द्र चतुर्वेदी, बद्रीनारायण पाठक, राजीव त्रिपाठी सहित अनेक श्रद्धालु, गौभक्त एवं सनातन धर्मप्रेमी उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर भक्तिभाव, वैदिक संस्कृति एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित रहा। श्रद्धालुओं ने जगद्गुरु शंकराचार्य जी के दर्शन एवं आशीर्वचनरूप संकल्प प्राप्त कर स्वयं को धन्य अनुभव किया।

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किशन पाण्डेय प्रयागराज से ताल्लुक रखते हैं और जनपद सोनभद्र में 15 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में है ये स्थानीय समाचारों के अलावा राजनीतिक व मनोरंजन जैसी खबरों में रूचि रखते हैं। इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य ' हर ख़बरों ' को जनता तक पहुंचाने का कार्य कर रहा हैं।

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