प्रशांत श्रीवास्तव/दुध्दी
दुद्धी (सोनभद्र)। लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हाल ही में हुई घटना के बाद जिलाधिकारी की सख्ती का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। चर्चित गौड़ के निर्देश पर बुधवार को स्थानीय प्रशासन और फायर ब्रिगेड की संयुक्त टीम ने दुद्धी स्थित विभिन्न कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरियों में औचक निरीक्षण और छापेमारी की। इस कार्रवाई से क्षेत्र के कोचिंग और लाइब्रेरी संचालकों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान छात्रों की सुरक्षा और अग्निशमन (फायर सेफ्टी) व्यवस्था के मानकों की गहन जांच की गई। लापरवाही पाए जाने पर टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो लाइब्रेरियों को सील कर दिया, जबकि एक कोचिंग संचालक को कड़ी चेतावनी दी गई है।

एसडीएम निखिल यादव के नेतृत्व में टीम सबसे पहले जाया डिजिटल लाइब्रेरी पहुंची। निरीक्षण के दौरान वहां कई छात्र पढ़ाई करते हुए मिले, लेकिन आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए निकास मार्ग और हवादार खिड़कियों की कोई व्यवस्थित सुविधा नहीं थी। सुरक्षा में इस गंभीर लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन ने सेंटर को तुरंत सील कर दिया।
इसके बाद टीम ने डीसीएफ स्थित सक्सेस लाइब्रेरी का रुख किया। यहाँ भी कई छात्र पढ़ते हुए पाए गए। जांच में पाया गया कि लाइब्रेरी के पास न तो फायर एनओसी थी और न ही भवन उपयोग के नियमों का पालन किया जा रहा था। इन गंभीर अनियमितताओं के चलते एसडीएम ने इस लाइब्रेरी को भी मौके पर ही सील करने के आदेश दे दिए।

टीम जब सत्येश कोचिंग सेंटर पहुंची, तो वहां संस्थान संचालक मौके पर मौजूद मिले। टीम ने संचालक को सख्त हिदायत दी कि जब तक संस्थान से संबंधित सभी वैध कागजात पूर्ण रूप से प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर दिए जाते, तब तक कोचिंग का संचालन बंद रखा जाए। ऐसा न करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

इस संयुक्त औचक निरीक्षण टीम की कमान एसडीएम निखिल यादव संभाल रहे थे। उनके साथ फायर टीम के सब-इंस्पेक्टर करन सिंह यादव और दुद्धी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक (इंस्पेक्टर) धर्मेंद्र कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मुस्तैद रहे।
एसडीएम निखिल यादव ने साफ शब्दों में कहा कि छात्रों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। क्षेत्र में जितने भी कोचिंग और लाइब्रेरी सेंटर चल रहे हैं, उन्हें तय मानकों और फायर सेफ्टी के नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा, अन्यथा आगे भी इसी तरह की सीलिंग और दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।












