_अनपरा पुलिस की त्वरित विवेचना और प्रभावी पैरवी से करीब चार माह में हुई दोषसिद्धि 
रोशन शर्मा,अनपरा,सोनभद्र। थाना अनपरा क्षेत्र में दो नाबालिग बच्चियों से छेड़छाड़ और उन्हें धमकाने के मामले में सोनभद्र पुलिस की त्वरित विवेचना एवं प्रभावी न्यायालयीन पैरवी के चलते अभियुक्त को माननीय न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अभियुक्त पर कुल 73 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
पुलिस के अनुसार, 23 मार्च 2026 को पीड़ित बच्चियों के परिजन की तहरीर पर थाना अनपरा में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि घर पर आने-जाने वाला इलेक्ट्रीशियन अली फैयाज उर्फ फैज पुत्र सलीमुद्दीन, निवासी गढ़वा झारखंड, हाल पता अशोका नगर अनपरा, पिछले करीब एक वर्ष से दोनों नाबालिग बच्चियों के साथ अनुचित स्पर्श करता था और उन्हें डराता-धमकाता था। बच्चियों द्वारा घटना की जानकारी अपनी चाची को दिए जाने के बाद मामले की शिकायत पुलिस से की गई। पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले की विवेचना तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक सत्येन्द्र कुमार राय द्वारा की गई।
पुलिस के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए विवेचना महज 10 दिनों में पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया गया। 11 अगस्त 2026 को माननीय न्यायालय ने अभियुक्त को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत आजीवन कारावास तथा 60 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 10 के तहत पांच वर्ष का कारावास एवं तीन हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 351(3) बीएनएस के तहत तीन वर्ष का कारावास एवं 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। पुलिस के अनुसार, अर्थदंड अदा नहीं करने पर अभियुक्त को अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
सोनभद्र पुलिस ने बताया कि त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना, साक्ष्यों के संकलन, गवाहों के बयान, अभियोजन अधिकारी की प्रभावी न्यायालयीन पैरवी, कोर्ट मोहर्रिर के समन्वय तथा मॉनिटरिंग सेल की सतत निगरानी के परिणामस्वरूप अभियुक्त को कठोर सजा दिलाने में सफलता मिली।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के नेतृत्व में सोनभद्र पुलिस ने अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई और दोषियों को न्यायालय से सजा दिलाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।










