सोनभद्र से चिरंजीवी दुबे की रिपोर्ट
सोनभद्र/मधुपूर। सरकार एक तरफ तो किसान की आय दोगुना करने के दावे करती है और वही जब किसानों के फसलों में खाद डालने की बारी आती है तो सभी सरकारी तंत्र फेल हो जाता है आज जब किसानों को यूरिया खाद की सबसे ज्यादा जरूरत है तो किसान को अपने जिले में खाद नहीं मिल पाने से दूर दूर आस पास के जिले से खाद लाने के लिए दर दर की ठोकर खानी पड रहीं हैं।

सरकार के हुक्मरानों कि बातों को माने तो खाद की कोई किल्लत नहीं है खाद क्रय केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा मे पहुंचाया जा रहा है पर सवाल तो यहि है कि अगर किसानों के लिए पर्याप्त खाद की व्यवस्था समय रहते कर दी गयी होती तो आज किसान अपनी खड़ी फसल की पोषण के लिए दर दर न भटकता |











