सोनभद्र ब्यूरो कार्यालय
रेणुकूट। नगर क्षेत्र के खाड़पाथर स्थित सोनाँचल स्कूल के समीप स्थापित आरओ प्लांट पिछले 20 दिनों से बंद पड़ा है। इसका मुख्य कारण ट्रांसफार्मर का जल जाना है, जिसे लेकर स्थानीय नागरिकों में गहरा आक्रोश है। बिजली विभाग की उदासीनता और प्रशासनिक लापरवाही के कारण अब तक ट्रांसफार्मर बदला नहीं जा सका है, जिससे इलाके के लोग दूषित जल पीने को विवश हैं। खाड़पाथर क्षेत्र में भूगर्भीय जल अत्यधिक प्रदूषित है और पीने योग्य नहीं माना जाता। इसी कारण नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशानुसार यहां आरओ प्लांट लगाए गए थे, ताकि लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके। लेकिन बीते तीन सप्ताह से आरओ प्लांट पूरी तरह ठप पड़ा है, जिससे आमजन को भारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है।
शुध्द पानी पीने का एक ही था सहारा, वो भी छिन गया सहारा
बरसात के इन दिनों में जब पानी के स्रोतों में गंदगी और कीटाणुओं की मात्रा स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है, ऐसे में शुद्ध पेयजल की आवश्यकता और भी अधिक हो जाती है। लेकिन आरओ प्लांट बंद होने से लोगों को गड्ढों, नालों और हैंडपंपों के माध्यम से प्रदूषित पानी का सेवन करना पड़ रहा है। इससे टाइफाइड, डायरिया, हेपेटाइटिस जैसी जलजनित बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ गया है।
दूषित पानी को लेकर स्थानिक लोगों ने बताया
इलाके के नागरिकों रमेश,अजय तिवारी, विजय सिंह, मंगल प्रसाद, जयप्रकाश और शांति देवी सहित कई लोगों ने बताया कि बिजली विभाग को कई बार सूचना दी गई है, लेकिन अब तक न तो ट्रांसफार्मर बदला गया और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे जन आंदोलन करने को बाध्य होंगे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की चुप्पी भी लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। नागरिकों का कहना है कि जब तक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर सीधी जवाबदेही तय नहीं की जाएगी, तब तक ऐसी समस्याएं बार-बार उठती रहेंगी।











