विकास दत्त मिश्रा/वाराणसी
बड़ागांव(वाराणसी)। सामाजिक संस्था कुटुम्ब समाजोत्थान एवं पुनर्वास संस्था द्वारा कुटुम्ब फाउंडेशन डे 2026 का आयोजन रविवार को उत्साह, उमंग और पारिवारिक सौहार्द के वातावरण में किया गया। इस वर्ष आयोजन की विशेष थीम “This Time, You’re the Chief Guest – इस बार आप हैं मुख्य अतिथि” रखी गई। इस अनूठी पहल का उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति को समान महत्व देना और संस्था से जुड़े सभी सहयोगियों, समुदाय के सदस्यों, कलाकारों, महिलाओं एवं बच्चों को इस उत्सव का अभिन्न हिस्सा बनाना था। इस आयोजन में लगभग 500 लोगों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का शुभारंभ बुद्ध प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। शांति, करुणा, प्रेम और मानवता के संदेश के साथ आयोजित इस समारोह में संस्था के सहयोगियों, शुभचिंतकों, अतिथियों एवं समुदाय के सदस्यों ने भाग लिया।
इस अवसर पर आयोजित मेले का मुख्य आकर्षण ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं द्वारा लगाए गए 26 स्टॉल रहे। इन स्टॉलों पर महिलाओं ने अपने हाथों से तैयार किए गए हस्तशिल्प, कपड़े, सजावटी एवं उपयोगी वस्तुएँ, खान-पान के उत्पाद और विभिन्न प्रकार के हस्तनिर्मित सामान प्रदर्शित किए। इन सभी उत्पादों की विशेषता यह रही कि इन्हें महिलाओं ने स्वयं अपनी मेहनत, रचनात्मकता और पारंपरिक हुनर के माध्यम से तैयार किया था। यह मेला केवल खरीदारी का स्थान नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं की प्रतिभा, आत्मनिर्भरता, उद्यमशीलता और आर्थिक सशक्तिकरण को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण मंच बना। मेले में सेल्फी पॉइंट, चौपाल, सभी के लिए चाय, कठपुतली शो तथा बच्चों एवं परिवारों के लिए मनोरंजक खेलों का भी आयोजन किया गया। इन गतिविधियों ने आयोजन को एक जीवंत सामुदायिक उत्सव का रूप दिया।
इस आयोजन को सफल बनाने में CII (Confederation of Indian Industry) और Young Indians का विशेष सहयोग एवं योगदान रहा। संस्था ने इन दोनों सहयोगी संगठनों के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया, जिनकी सहभागिता से ग्रामीण महिलाओं को अपने उत्पादों एवं कौशल को प्रदर्शित करने और व्यापक समुदाय से जुड़ने का अवसर मिला।
शाम को आयोजित डांडिया कार्यक्रम में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके बाद सांस्कृतिक संध्या में कुटुम्ब के कलाकारों एवं बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में भगवान गणेश को समर्पित समूह नृत्य ‘देवा श्री गणेशा’, कथक एवं शास्त्रीय गायन की लाइव जुगलबंदी, तबला जुगलबंदी, राग वैरागी पर आधारित शास्त्रीय गायन तथा ‘जय श्री कृष्ण’ शीर्षक से नाट्य प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पड़ाव कुटुम्ब की वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 का औपचारिक विमोचन रहा। इस रिपोर्ट में संस्था की वर्षभर की गतिविधियों, उपलब्धियों, सामाजिक प्रभाव तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण एवं कला-संस्कृति के क्षेत्र में किए गए प्रयासों को संकलित किया गया है। यह रिपोर्ट संस्था की सामूहिक यात्रा, समुदाय के योगदान और भविष्य के संकल्पों का प्रतिबिंब है।
कार्यक्रम के अंत में कुटुम्ब के संस्थापक सदस्य एवं सचिव डॉ.आशीष कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने सभी अतिथियों, सहयोगी संस्थाओं, विशेष रूप से CII एवं Young Indians, दानदाताओं, स्वयंसेवकों, कलाकारों, ग्रामीण महिलाओं, बच्चों एवं आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले प्रत्येक व्यक्ति के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का समापन ओपन स्टेज के साथ हुआ, जहाँ उपस्थित लोगों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर दिया गया। कुटुम्ब की मूल भावना “One World, One Family – Vasudhaiva Kutumbakam” को साकार करता यह आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि कुटुम्ब केवल एक सामाजिक संस्था नहीं, बल्कि एक ऐसा परिवार है जहाँ प्रत्येक व्यक्ति का सम्मान, सहभागिता और योगदान महत्वपूर्ण है। समाज में वास्तविक बदलाव तभी संभव है, जब सभी लोग मिलकर एक परिवार की तरह आगे बढ़ें।












