सुभाष पाण्डेय, सोनभद्र
सोनभद्र में आकाशीय बिजली के खतरे से ग्रामीणों को बचाने के लिए जिला प्रशासन ने पहल शुरू की है। वज्रपात संवेदनशील ग्राम पंचायतों में ताड़ और खजूर प्रजाति के पौधे लगाए जाएंगे DM चर्चित गौड़ ने चयनित ग्राम पंचायतों में प्राथमिकता के आधार पर पौधरोपण कराने के साथ ही उनके संरक्षण की पुख्ता व्यवस्था के निर्देश दिए हैं मंगलवार शाम 4 बजे सूचना विभाग ने बताया कि प्रत्येक चिन्हित ग्राम पंचायत में कम से कम 100 पौधे लगाए जाएंगे। शासन के निर्देशों और सेंसिंग सेंटर (NRSC) के विश्लेषण के आधार पर वज्रपात संवेदनशील क्षेत्रों में यह कार्य जोखिम न्यूनीकरण की दिशा में किया जा रहा है पौधों का रोपण खेतों और फार्म की मेड़ों समेत अन्य उपयुक्त स्थानों पर कराया जाएगा। इसके लिए जिला उद्यान अधिकारी से समन्वय कर ‘बरही’ और ‘सोना-100’ प्रजाति के पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। खंड विकास अधिकारी और मनरेगा के कार्यक्रम अधिकारी अभियान की निगरानी करेंगे DM ने स्पष्ट किया कि अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहेगा। पौधों की सुरक्षा, सिंचाई और रोपण के बाद देखभाल की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। ग्राम पंचायत स्तर पर स्थल चयन से लेकर संरक्षण तक की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं प्रशासन का उद्देश्य वज्रपात संवेदनशील क्षेत्रों में जोखिम कम करने के साथ ग्रामीण इलाकों में हरित आवरण को बढ़ावा देना भी है।












