किशन पाण्डेय/सोनभद्र
रेणुकूट(सोनभद्र)। दीपावली पर्व केवल घरों में दीप जलाने का अवसर नहीं, बल्कि दिलों में रोशनी भरने का भी प्रतीक है। इसी पावन भावना को साकार करते हुए रोटरी क्लब रेणुकूट ने इस वर्ष एक प्रेरणादायी पहल की।

क्लब के सदस्यों ने ग्राम कटौली के सेमर टोला पहुँचकर वहाँ के आदिवासी एवं आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के साथ दीपावली की खुशियाँ बाँटीं। कार्यक्रम का आयोजन गांव के प्रधान प्रकाश के मार्गदर्शन में किया गया जहाँ अजीत अस्थाना, संजय रूंथला, राजकुमार यादव, हृदय लाल चौबे और पूनम जी ने मिलकर बच्चों को पटाखे मिष्ठान, नमकीन मोमबत्ती अगरबत्ती और स्टेशनरी सामग्री वितरित की। जब छोटे-छोटे बच्चों के हाथों में पटाखे और मिष्ठान पहुँचे, तो उनके चेहरों पर जो मासूम मुस्कान खिली वह किसी दीपक की लौ से कहीं अधिक उज्जवल थी। उन पलों में ऐसा लगा मानो गाँव के हर कोने में आनंद और उत्सव की गूंज फैल गई हो।

इस आयोजन से पूरे ग्रामीण क्षेत्र में हर्ष और उल्लास की लहर दौड़ गई। बच्चों के साथ-साथ गाँव के बुजुर्ग और महिलाएँ भी प्रसन्नता से झूम उठीं। ग्रामीणों ने रोटरी क्लब रेणुकूट के इस सेवा भाव और संवेदना पूर्ण कार्य के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया और कहा कि ऐसी पहलें समाज में सच्चे मानवीय मूल्यों को जीवित रखती हैं। यह कार्यक्रम केवल वितरण नहीं, बल्कि मानवता, करुणा और सामाजिक एकता की अद्भुत मिसाल बन गया।

रोटरी क्लब ने ग्रामिणों को दिया यह संदेश
दीपावली की सच्ची रोशनी वही है, जो दूसरों के जीवन में आशा और मुस्कान का प्रकाश फैला दे। रोटरी क्लब रेणुकूट का यह मानवतावादी प्रयास आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करेगा कि हम सब मिलकर दूसरों के जीवन में भी खुशियों के दीप जलाएँ यही दीपावली का असली महत्व होगा।











