सोनभद्र ब्यूरो कार्यालय
दूधी (सोनभद्र)। समाज सेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय शुभकामना फाउंडेशन ने नगवां गांव में एक अभिनव एवं प्रेरणादायक पहल करते हुए जरूरतमंद बच्चों, महिलाओं एवं पुरुषों के बीच पुराने लेकिन साफ-सुथरे एवं उपयोगी कपड़ों का वितरण किया। यह कपड़े विभिन्न सहयोगकर्ताओं द्वारा मानवता की सेवा के उद्देश्य से दान स्वरूप उपलब्ध कराए गए थे।
कार्यक्रम की सबसे विशेष बात यह रही कि प्रत्येक कपड़े के बदले लाभार्थियों से प्रतीकात्मक रूप से ₹1 का योगदान लिया गया। पहली दृष्टि में यह व्यवस्था लोगों को आश्चर्यचकित कर सकती थी, किंतु इसके पीछे छिपा संदेश अत्यंत भावनात्मक और दूरदर्शी था।

फाउंडेशन के प्रतिनिधि सुभाष राय ने बताया कि संस्था का उद्देश्य किसी भी व्यक्ति को दान या भिक्षा लेने का एहसास कराना नहीं, बल्कि उसके आत्मसम्मान को सशक्त करना है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति किसी वस्तु के बदले प्रतीकात्मक मूल्य भी अदा करता है, तो उसमें स्वाभिमान, जिम्मेदारी और श्रम के महत्व की भावना विकसित होती है। यह पहल विशेष रूप से बच्चों को यह संदेश देने के लिए की गई कि जीवन में किसी भी वस्तु या सुविधा को प्राप्त करने के लिए परिश्रम और मूल्य का महत्व समझना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि “हम चाहते हैं कि समाज का प्रत्येक व्यक्ति स्वयं को सम्मानित महसूस करे। सहायता का वास्तविक उद्देश्य केवल वस्तु देना नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मसम्मान को भी मजबूत करना है।

एक रुपये का यह योगदान उसी सोच का प्रतीक है।” गांव के लोगों ने इस नई सोच का स्वागत किया और बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने बिना किसी आपत्ति के इस पहल को स्वीकार किया। इस जनहितकारी कार्यक्रम को सफल बनाने में समाजसेवी सुबरन जी का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के दौरान बच्चों,कालेश्वर, राजेंद्र, पानवा देवी एवं मालती देवी सहित अनेकों ग्रामीण उपस्थित रहे। शुभकामना फाउंडेशन की यह पहल केवल कपड़ों के वितरण तक सीमित नहीं रही, बल्कि समाज में आत्मसम्मान, श्रम के मूल्य और स्वावलंबन की भावना को बढ़ावा देने का एक प्रेरणादायक संदेश भी बन गई।











