ब्यूरो कार्यालय
गया। देश के प्रसिद्ध उद्योगपति मुकेश अंबानी बेटे अनंत अंबानी के साथ गयाजी पहुंचे हैं. गयाजी पहुंचकर वह अपने पितरों के निमित्त पिंडदान का कर्मकांड कर रहे हैं. बता दें कि इसी साल जनवरी महीने में ही मुकेश अंबानी के भाई अनिल अंबानी भी गयाजी पहुंचे थे और पितरों के निमित्त पिंडदान का कर्मकांड किया था. अब 8 महीने बाद मुकेश अंबानी का गयाजी आगमन हुआ है।

विशेष विज्ञान से पहुंचे मुकेश अंबानी :मुकेश अंबानी विशेष विमान से मुंबई एयरपोर्ट से सीधे गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे, फिर विष्णुपद मंदिर पहुंचे. यहां पर उन्होंने लोगों का अभिवादन भी स्वाकीर किया. मुकेश अंबानी के आगमन को लेकर पुख्ता सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे।
मुकेश अंबानी को विशेष सुरक्षा घेरे में लेकर विष्णु पद मंदिर में प्रवेश कराया गया. फिर वह पिंडदान का कर्मकांड कर रहे हैं. उनके साथ उनके परिवार के कई सदस्य भी बताए जाते हैं. जानकारी के अनुसार वे करीब एक से डेढ घंटे तक पिंडदान का कर्मकांड करेंगे और फिर देर शाम विशेष विमान से मुंबई के लिए वापस रवाना हो जाएंगे.
तीन वेदियो पर करेंगे पिंडदान :जानकारी के अनुसार मुकेश अंबानी तीन वेदियों पर पिंडदान का कर्मकांड करेंगे. बताया जाता है कि फल्गु, विष्णुपद मंदिर और अक्षयवट में पिंडदान का कर्मकांड पूरा करेंगे. विष्णुपद मंदिर गर्भगृह में जाकर भगवान विष्णु के साक्षात अलौकिक चरण चिन्ह का दर्शन भी करेंगे.
पितरों को होती है मोक्ष की प्राप्ति :विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थली गयाजी में पिंडदान का बड़ा ही महत्व है. गयाजी में पिंडदान करने से पितरों को मोक्ष मिलता है और उन्हें स्वर्ग लोक की प्राप्ति हो जाती है. गयाजी में पिंडदान, तर्पण, श्राद्ध का कर्मकांड करने देश से ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों से लोग आ रहे हैं. अमेरिका, रूस, स्पेन, यूक्रेन समेत अन्य देशों से यानी कि सात समुंदर पार से भी पिंडदानी पहुंच रहे हैं.
कई विदेशी ऐसे भी हैं जो काफी शोध पिंडदान पर कर चुके हैं और फिर गयाजी पिंडदान करने को आए. गयाजी में मान्यता है कि पितरों के निमित्त फाल्गु का जल भर तप कर देने से भी उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है. गयाजी जैसे तीर्थ स्थल पर आकर आम हो या खास, खुद को सौभाग्यशाली महसूस करते हैं और उन्हें काफी संतुष्टि प्राप्त होती है।










