उदय सिंह गुर्जर बीजपुर
गुरुवार से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन का आगाज
बीजपुर /सोनभद्र। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन के झीलों बिजपुर परियोजना पर कार्यदाई एजेंसी GVPR द्वारा श्रमिकों के शोषण की सारी शिमाएं पार कर दिया गया है। जिसके चलते सालों से शोषित कर्मचारीयो का एजेंसी के प्रति आक्रोश व्याप्त है और गुरुवार से कर्मचारियों ने कार्यरत एजेंसी के खिलाफ विशेष रूप से धरना प्रदर्शन कर अनिश्चितकाल तक कार्य बंद करने का आगाज कर दिया है।
जिस प्रदर्शन की पूर्व सूचना बुधवार को ही परियोजना के सर्वोच्च अधिकारी (PM) प्रहलाद कुमार को लगभग सभी कर्मचारियों ने उनके म्योरपुर स्थित कार्यालय कर जा कर लिखित में ज्ञापन शौप कर अवगत कराया है और उनके तथा उनके एजेंसी के द्वारा यहां के लोकल कर्मचारियों के साथ कर रहे शोषण से निजात दिलाने का मौखिक अनुरोध भी किया है। तथा युवाओं के चहेते नेता व ब्लॉक प्रमुख माननीय मानसिंह गोंड जी को भी कर्मचारियों ने लिखित पत्र दे कर अपने अधिकारों के हो रहे शोषण से मुक्त करने का अनुरोध किया है जिसमे प्रमुख जी ने श्रमिकों से वादा किया है कि वे स्वयं धरना प्रदर्शन स्थल पर पहुंच कर दोनों पक्षों से बात कर शोषण करने वाले को चिन्हित कर कार्रवाई कराएंगे।

इस बीच आक्रोशित कर्मचारियों ने बताया कि वे लोग प्रति दिन 12 घंटे बिना साप्ताहिक अवकाश व महीने में 30 दिन काम करते हैं तथा उन्हें पारिश्रमिक के रूप में 7500 से ले कर 12000 रुपए स्किल्ड योग्यता रखने वाले कर्मचारियों को दिया जाता है जो कि मनरेगा की मजदूरी से भी बहुत कम है।

इस दौरान परियोजना के जिम्मेदार पद पर आशिन प्रोजेक्ट मैनेंजर ने साफ शब्दों में कहा कि मेरे कंपनी का यही नियम है यदि आपको ज्यादा वेतन चाहिए तो आप लोग ड्यूटी छोड़ दो। और जब इस बीच कर्मचारियों ने अपनी बुलंद आवाज में हक मांगा तो पीएम के पसीने छूट गए और हेड ऑफिस में बात कर निर्णय लेने का बात कहा।












