उदय सिंह गुर्जर बीजपुर
बीजपुर/ सोनभद्र म्योरपुर ब्लॉक अंतर्गत में जल जीवन मिशन नमामि गंगे परियोजना झिलो प्रोजेक्ट अंतर्गत के तहत कार्यरत मजदूरों के सब्र बांध के टूटने के बाद जीवीपीआर इंजीनियरिंग कंपनी पर शोषण और श्रम कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।मजदूरों ने खम्हरिया गांव डब्लू टी पी में गुरुवार से कार्य बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना शुरू किया था उनका आरोप है कि कंपनी उनसे गुलामों की तरह काम ले रही है।
- काम के घंटे: 8 घंटे के बजाय मजदूरों से प्रतिदिन 12 घंटे काम लिया जा रहा है।
- वेतन: न्यूनतम वेतन से कम भुगतान किया जा रहा है।
- ओवरटाइम: 8 घंटे से अधिक काम करने पर डबल ओवरटाइम नहीं मिल रहा है।
- सुविधाएं: साप्ताहिक अवकाश, सुरक्षा उपकरण और मेडिकल सुविधाओं की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है जिनके पास न तो आधिकारिक नियुक्ति पत्र है और न ही भविष्य निधि की सुविधा है। वे अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं और इसे भीख नहीं मानते।मजदूरों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों का समर्थन मिल रहा है, जिनमें ब्लॉक प्रमुख मान सिंह गौड़, पूर्व जिला पंचायत सदस्य केदारनाथ यादव, ग्राम प्रधान इज्जाजत शेख, भाजपा कार्यकर्ता ईश्वरी प्रसाद, ताराचंद गुर्जर, पूर्व ग्राम प्रधान राम वियर, शंकर दयाल विश्वकर्मा और अन्य ग्रामीण व समाजसेवी शामिल रहे श्रमिकों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं और प्रशासन लिखित आश्वासन नहीं देता, तब तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा लेकिन वहा उपस्थित सम्मानित जन प्रतिनिधि और प्रोजेक्ट मैनेजर प्रहलाद कुमार ने असवासन व लिखित पत्र दिए की 20 दिन मे 10 सूत्रीय मांगे पूरी की जाएगी जानकारी के अनुसार श्रमिकों का कहना है की 20 दीन मे गाइड लाइन के अनुसार नियम लागू नही किया गया तो हम सभी G V P R के श्रमिक पुन: अनिश्चितकाल। तक धरना पे बैठे जायेंगे









