सोनभद्र ब्यूरो कार्यालय
सोनभद्र (खैराही): परोपकार सेवा समर्पण समिति एवं स्प्रिंकलिंग् स्माइल्स के तत्वावधान में कंपोजिट विद्यालय खैराही में एक अत्यंत प्रेरणादायक एवं हृदयस्पर्शी कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसने यह सिद्ध कर दिया कि सच्ची खुशियाँ वही हैं, जो दूसरों के साथ बाँटी जाएँ। इस अवसर पर दीपक मिश्रा जी एवं श्रीमती गरिमा मिश्रा ने अपनी पुत्री के जन्मदिवस की खुशी को केवल अपने परिवार तक सीमित न रखकर, नन्हें-मुन्ने बालक-बालिकाओं के साथ साझा किया। बच्चों को आकर्षक उपहार वितरित किए गए तथा प्रेमपूर्वक भोजन कराकर उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेरी गई।

कार्यक्रम का संचालन हेमंत लोढ़ा जी द्वारा अत्यंत अनोखे और प्रेरणादायक अंदाज में किया गया। उन्होंने बच्चों को विभिन्न खेलों के माध्यम से जीवन में आगे बढ़ने की कला सिखाई और उन्हें कुछ बनने की प्रेरणादायक शपथ दिलाई। समिति की संरक्षक श्रीमती कल्पना शुक्ला जी ने भी बच्चों को सरल और प्रभावशाली शब्दों में अच्छे संस्कार, नैतिक मूल्यों एवं समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारियों को समझाया, जो बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण संदेश रहा। इस आयोजन ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि यदि हम अपनी खुशियों को अपने परिवार से आगे बढ़ाकर ग्रामीण अंचलों के जरूरतमंद लोगों के साथ साझा करें, तो यह समाज में एक नई सकारात्मक दिशा प्रदान कर सकता है। कार्यक्रम का कुशल संचालन एवं समन्वय का श्रेय राजकुमार यादव को जाता है, जिनके नेतृत्व में यह आयोजन अत्यंत सफल और प्रभावशाली रहा। विद्यालय प्रबंधन एवं बच्चों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक नृत्य ने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया। शिक्षकों के मार्गदर्शन में बच्चों की प्रतिभा का अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिला, जिसने पूरे माहौल को उल्लास और ऊर्जा से भर दिया।

रेणुकूट से इतनी दूर ग्रामीण क्षेत्र में पहुँचकर इस कार्यक्रम को सफल बनाने में समिति के सदस्यों का विशेष योगदान रहा।
विशेष रूप से महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने यह सिद्ध कर दिया कि सेवा-भाव और समर्पण की शक्ति से समाज में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है। कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख गणमान्य लोगों में पत्रकार मस्तराम मिश्रा, किशन पांडेय, अमिताभ मिश्रा, अजय गुप्ता, अधिवक्ता अनिल कुशवाहा, तथा देवेंद्र कुमार सिंह, अतुल श्रीवास्तव सहित अनेक समाजसेवियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। साथ ही महिला सहभागियों में गरिमा, रोशनी, सरिता, अमिता, माधुरी, रश्मि, मधु, सरला, नीलम, रेनू, खुशबू, बसंती, व्यंजना, कविता, श्वेता आदि ने इस सेवा कार्य को सहज और सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।कार्यक्रम के अंत में जब बच्चों को उपहार वितरण के पश्चात प्रेमपूर्वक भोजन कराया गया।

तो उनके चेहरे पर जो खुशी और चमक दिखाई दी, वही इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि बन गई। यह आयोजन हमें यह प्रेरणा देता है कि समाज में ऐसे सेवा कार्य निरंतर होते रहने चाहिए, ताकि हर जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लाई जा सके और मानवता का यह सुंदर स्वरूप सदैव जीवित रहे। “खुशियाँ बांटने से बढ़ती हैं, और सेवा ही सच्चा जीवन है।”










