सोनभद्र ब्यूरो कार्यालय

सोनभद्र। घोरावल और शाहगंज क्षेत्र में सड़क किनारे पटरी निर्माण कार्य के दौरान पानी की पाइपलाइन उखाड़े जाने से पेयजल आपूर्ति बाधित होने का मामला सामने आया है। पाइपलाइन क्षतिग्रस्त अथवा हटाए जाने के बाद क्षेत्र के कई गांवों और बस्तियों में पानी की सप्लाई रुक गई है। भीषण गर्मी और उमस के बीच पानी की आपूर्ति ठप होने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या एक-दो घरों तक सीमित नहीं है, बल्कि 500 से अधिक लोग प्रत्यक्ष रूप से पेयजल संकट से प्रभावित बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, घोरावल-शाहगंज क्षेत्र में सड़क के किनारे पटरी निर्माण का कार्य चल रहा है। इसी पटरी के बीच से क्षेत्र में पानी की आपूर्ति करने वाली पाइपलाइन गुजर रही थी। निर्माण कार्य के दौरान पाइपलाइन को हटाकर बाहर निकाल दिया गया, जिसके बाद संबंधित क्षेत्र में पानी की सप्लाई बाधित हो गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पाइपलाइन हटाने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, जिसके कारण लोगों को अचानक पानी की गंभीर समस्या से जूझना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक, पाइपलाइन के जरिए लंबे समय से आसपास के घरों और आबादी वाले क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति होती रही है। रोजमर्रा के घरेलू कामकाज, खाना बनाने, कपड़े धोने और विशेष रूप से पीने के पानी के लिए लोग इसी सप्लाई पर निर्भर हैं। ऐसे में अचानक पानी बंद हो जाने से लोगों के सामने पानी की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती बन गया है। कई परिवारों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है, जबकि बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क और पटरी का निर्माण क्षेत्र के विकास के लिए जरूरी है और कोई भी व्यक्ति विकास कार्य का विरोध नहीं कर रहा है। लेकिन निर्माण कार्य के दौरान पहले से मौजूद आवश्यक पेयजल पाइपलाइन को हटाने से पहले उसकी वैकल्पिक व्यवस्था करना भी संबंधित विभाग और कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी होनी चाहिए। ग्रामीणों का सवाल है कि यदि पाइपलाइन निर्माण कार्य में बाधा बन रही थी तो उसे सुरक्षित तरीके से दूसरी जगह स्थानांतरित कर पानी की आपूर्ति बहाल क्यों नहीं की गई?
पानी की सप्लाई बंद होने से लोगों में नाराजगी भी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के साथ-साथ पेयजल व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए। विकास कार्य के नाम पर यदि मूलभूत सुविधा ही प्रभावित हो जाए तो इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से तत्काल मौके का निरीक्षण कराने और पाइपलाइन की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
लोगों ने मांग की है कि पाइपलाइन को तत्काल दुरुस्त कराकर पानी की आपूर्ति बहाल की जाए। यदि पटरी निर्माण के कारण पाइपलाइन को स्थायी रूप से दूसरी जगह ले जाना आवश्यक है तो वैकल्पिक पाइपलाइन बिछाकर पहले पानी की सप्लाई शुरू की जाए और उसके बाद पुरानी लाइन हटाई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक टैंकर अथवा अन्य माध्यम से प्रभावित आबादी को पेयजल उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों से मामले का संज्ञान लेने की अपील की है। उनका कहना है कि पानी जैसी बुनियादी जरूरत को किसी भी स्थिति में निर्माण कार्य के कारण लंबे समय तक बाधित नहीं किया जाना चाहिए। लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई करेगा और घोरावल-शाहगंज क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति शीघ्र बहाल होगी।
अब निगाहें संबंधित विभाग और जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पाइपलाइन की मरम्मत या वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में पेयजल संकट और गंभीर रूप ले सकता है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उन्हें विकास कार्य से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन विकास के साथ जनता की मूलभूत सुविधाओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।











