उदय सिंह गुर्जर/जरहा
सोनभद्र। बीजपुर क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं एवं सीएसआर से जुड़े मुद्दों को लेकर समृद्धि जन कल्याण संस्थान के पदाधिकारियों ने शनिवार को एनटीपीसी रिहंदनगर पहुंचकर परियोजना प्रमुख को ज्ञापन सौंपा। संस्था ने पूर्व में दिए गए ज्ञापनों पर अपेक्षित कार्यवाही न होने का मुद्दा उठाते हुए समस्याओं के समाधान की मांग की।
संस्था के अध्यक्ष सिद्धार्थ गुप्ता, उपाध्यक्ष जावेद अहमद, महामंत्री महावीर सिंह गोंड एवं महासचिव अमित कुमार गुप्ता के माध्यम से सौंपे गए ज्ञापन में क्षेत्र की सात प्रमुख मांगों को रखा गया।
ज्ञापन में स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं कौशल प्रशिक्षण देने की मांग की गई। संस्था ने बताया कि पूर्व में आठ लोगों के नाम एवं आवश्यक कागजात दिए गए थे तथा उन्हें कार्य पर लगाए जाने की बात कही गई थी। सड़क मार्च के बाद अपना दल के ब्लॉक प्रमुख मान सिंह द्वारा भी उक्त आठ लोगों को कार्य पर लगाए जाने की बात कही गई थी, लेकिन करीब एक वर्ष बीतने के बाद भी कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई।
इसके अलावा बीजपुर स्थित सब्जी मंडी के निर्माण एवं विकास, गांवों की खराब सड़कों की मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण तथा बच्चों एवं युवाओं के लिए खेल मैदान के विकास की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
संस्था ने गांधी धाम, पुनर्वास प्रथम में चल रहे सामाजिक कार्यों के लिए भी सीएसआर सहयोग मांगा। संस्था के अनुसार यहां बच्चों को निःशुल्क शिक्षा, जबकि महिलाओं के लिए साक्षरता एवं सिलाई प्रशिक्षण का कार्य किया जा रहा है। इन कार्यों के संचालन एवं विस्तार के लिए सीएसआर के माध्यम से आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने की मांग की गई।
ज्ञापन में क्षेत्र की बिजली व्यवस्था का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। संस्था ने मांग की कि NTPC की बिजली को UPPCL को हस्तांतरित न किया जाए। संस्था का कहना है कि इस विषय को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और समय रहते समाधान नहीं होने पर जनआक्रोश एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
संस्था पदाधिकारियों ने कहा कि क्षेत्र में शिक्षा, रोजगार, महिला सशक्तिकरण एवं बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों की आवश्यकता है। सीएसआर के माध्यम से इन कार्यों में सहयोग मिलने से ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों, महिलाओं और युवाओं को सीधा लाभ मिल सकता है।
संस्था ने बताया कि सीएसआर एवं जनहित के मुद्दों को लेकर इससे पहले भी तीन बार एनटीपीसी रिहंद प्रबंधन को ज्ञापन दिया जा चुका है, लेकिन अपेक्षित कार्यवाही नहीं हुई। इस बार संस्था ने पूर्व के ज्ञापनों पर भी पुनः विचार करते हुए मांगों पर सकारात्मक एवं समयबद्ध कार्रवाई की उम्मीद जताई है।










