विकास दत्त मिश्रा/वाराणसी
वाराणसी। राजघाट टीयू स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी) कोनिया में बुधवार को एचएलएफपीपीटी (HLFPPT) की ‘एसएसएचएकेटीआई’ (SSHAKTI) परियोजना के सहयोग से एक विशाल मेगा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य स्थानीय निवासियों को एक ही छत के नीचे व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं देना और टीवी (क्षय रोग) की समय से पहचान कर उसका सटीक इलाज शुरू कराना रहा।
शिविर के दौरान कुल 100 मरीजों को ओपीडी परामर्श दिया गया। इसके अलावा टीबी संदिग्धों की पहचान के लिए 81 लोगों का ऑन-स्पॉट चेस्ट एक्स-रे कराया गया और 11 मरीजों के बलगम (स्पुटम) के नमूने लैब जांच के लिए संग्रहित किए गए।
शिविर में सामान्य ओपीडी सेवाओं के साथ गैर-संचारी रोगों (NCD) और एचआईवी (HIV) की जांच एवं संदिग्ध टीबी रोगियों के लिए चेस्ट एक्स-रे, बलगम सैंपल कलेक्शन और आवश्यकतानुसार उच्च केंद्रों के लिए रेफरल सुविधा दी गई।
इस स्वास्थ्य शिविर के सफल संचालन में जिला क्षय रोग अधिकारी (DTO), एचएलएफपीपीटी की राष्ट्रीय व जिला टीम, चिकित्सा अधिकारी (MO) सहित राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अधिकारियों व कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका रही।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के एकीकृत शिविरों से दूर-दराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच आसान होती है और टीबी जैसी बीमारियों का शुरुआती चरण में ही पता लगाकर समय पर इलाज शुरू किया जा सकता है।













