प्रशांत श्रीवास्तव दुध्दी
दुद्धी (सोनभद्र)। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ उपशाखा दुद्धी के तत्वावधान में विभिन्न लंबित मांगों और समस्याओं को लेकर आर-पार के आंदोलन का बिगुल फूंक दिया गया है। संघ ने मांगों की अनदेखी से नाराज होकर तहसील अध्यक्ष विनय गुप्ता एवं तहसील मंत्री लालबाबू सरोज के नेतृत्व में एक विस्तृत चरणबद्ध आंदोलन के कार्यक्रम का ऐलान किया है।
आंदोलन के प्रमुख कारण और मांगें:
संघ ने स्पष्ट किया है कि कई वर्षों से लेखपालों की जायज मांगों को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है:
वेतन विसंगति: पिछले 10 वर्षों से लेखपालों के प्रारंभिक वेतनमान में 2800 ग्रेड पे की मांग पूरी न होना और वेतन विसंगति दूर न होना।
स्थानांतरण व पदोन्नति: विगत 8 वर्षों से अंतर मंडलीय स्थानांतरण न होना तथा 2 वर्षों से पदोन्नति सूची जारी न होना।
भत्तों में वृद्धि: पिछले 16 वर्षों से भत्तों में कोई वृद्धि न किया जाना।
पटल से न हटाया जाना: परिषदादेश के बावजूद लेखपालों को पटल से न हटाना और प्रभारी राजस्व निरीक्षक के कार्यों से अवमुक्त न करना।
तकनीकी सुविधाएं: विगत 5 वर्षों से तकनीकी कार्यों के निष्पादन हेतु लैपटॉप व मोबाइल उपलब्ध न कराना तथा बिना तकनीकी पद घोषित किए कार्य कराना।
अन्य समस्याएं: ग्राम सचिवालयों में मूलभूत सुविधाओं व सुरक्षा के बिना कार्य कराना और 1 वर्ष से तहसीलवार परीक्षा परिणाम घोषित न होना/स्थायीकरण न होना।
चरणबद्ध आंदोलन का घोषित कार्यक्रम:
03 अक्टूबर 2026 (शनिवार): तहसील दिवस का बहिष्कार एवं धरना प्रदर्शन।
08 अक्टूबर 2026 (गुरुवार): समस्त ऑनलाइन कार्यों का पूर्ण बहिष्कार।
10 अक्टूबर 2026 (शनिवार): थाना दिवस पर काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराते हुए कार्य करना।
12 अक्टूबर 2026 (सोमवार): तहसील व जिला मुख्यालय पर रक्तदान शिविर लगाकर अनोखा आंदोलन।
14 अक्टूबर 2026 (बुधवार): विशाल मोटर साइकिल रैली का आयोजन।
17 अक्टूबर से 23 अक्टूबर 2026: तहसील मुख्यालय पर निरंतर धरना प्रदर्शन।
24 अक्टूबर 2026 से: जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन।
लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रशासन एवं सरकार द्वारा उनकी न्यायसंगत मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और भी तीव्र रूप दिया जाएगा।











