संजय चेतन/चोपन
चोपन(सोनभद्र)। विकास कार्यों की रफ्तार अच्छी बात है, लेकिन अगर काम पहले और निविदा बाद में हो तो सवाल उठना भी स्वाभाविक है। नगर पंचायत चोपन में करीब 77.47 लाख रुपये की अनुमानित लागत वाले नौ विकास कार्यों को लेकर सामने आई शिकायत ने कुछ ऐसा ही सवाल खड़ा कर दिया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि जिन कार्यों के लिए 24 सितंबर को अल्पकालीन निविदा जारी की गई, उनमें से करीब सात कार्य निविदा प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही धरातल पर पूरे करा दिए गए। अब सवाल यह है कि जब निविदा जमा करने की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर तय थी, तो उससे पहले ही काम कैसे पूरा हो गया? क्या नगर पंचायत की घड़ी बाकी सरकारी प्रक्रियाओं से कुछ तेज चल रही थी या फिर विकास कार्यों को निविदा की औपचारिकताओं का इंतजार करना जरूरी नहीं समझा गया? शिकायत के साथ फोटो और वीडियो भी उपलब्ध कराए जाने का दावा किया गया है। शिकायतकर्ता ने जांच की मांग करते हुए पूछा है कि यदि काम वास्तव में पहले ही करा दिए गए थे तो बाद में उन्हीं कार्यों को निविदा में शामिल करने की जरूरत क्यों पड़ी? आखिर वह कौन-सी ऐसी परिस्थिति थी, जिसने कागजी प्रक्रिया से पहले ही जमीन पर विकास उतार दिया।
मामले में एक और गंभीर आरोप लगाया गया है। इसलिए असली तस्वीर जांच के बाद ही सामने आएगी कि किस अधिकारी ने अनुमति दी और किस नियम के तहत काम कराया गया। दिलचस्प बात यह है कि निविदा की प्रक्रिया अपनी जगह और जमीन पर काम अपनी जगह- अब दोनों के बीच की दूरी ही पूरे मामले का सबसे बड़ा सवाल बन गई है। निविदा निरस्त किए जाने की बात सामने आने के बाद जांच की जरूरत और बढ़ गई है। अब देखना यह है कि जांच की रिपोर्ट सरकारी कागजों और जमीन पर दिख रहे विकास कार्यों के बीच कितना मेल बैठाती है। फिलहाल मामला यही पूछ रहा है- पहले काम हुआ या पहले टेंडर? जवाब जांच से ही साफ होगा।
चोपन नगर पंचायत ने 77.47 लाख के नौ कार्यों की निकाली निविदा, 24 सितंबर को जारी हुई सूचना-
नगर पंचायत चोपन की ओर से पंचम राज्य वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि से विकास कार्य कराने के लिए 24 सितंबर 2026 को अल्पकालीन निविदा सूचना जारी की गई। निविदा में कुल नौ विकास कार्य शामिल किए गए हैं, जिनकी अनुमानित लागत 77.47 लाख रुपये है। निविदा की शर्तों के अनुसार दस्तावेज प्राप्त करने की अंतिम तिथि 8 अक्टूबर और निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 9 अक्टूबर निर्धारित की गई है।
सिलसिलेवार नौ कार्य और अनुमानित लागत-:
1. स्टोर रूम का निर्माण — 9.96 लाख रुपये
नगर पंचायत चोपन में अधिशासी अधिकारी आवास परिसर में स्टोर रूम निर्माण का कार्य प्रस्तावित किया गया है।
2. वाहन शेड का निर्माण — 9.97 लाख रुपये
नगर पंचायत चोपन स्थित जल निगम परिसर में वाहनों के लिए शेड निर्माण कराया जाना है।
3. रंगीन इंटरलॉकिंग का कार्य — 9.98 लाख रुपये
जल निगम परिसर में रंगीन इंटरलॉकिंग का कार्य कराया जाना प्रस्तावित है।
4. नाली एवं सीसी का कार्य — 8.05 लाख रुपये
वार्ड नंबर-03 में हवलदार अली के घर से शाहजहां बेगम के घर के आगे शौचालय तक नाली एवं सीसी निर्माण का कार्य शामिल है।
5. आरसीसी नाली निर्माण — 7.20 लाख रुपये
वार्ड नंबर-06 में संतोष पांडेय के घर से निजाम के घर होते हुए विश्वेश्वर के घर तक आरसीसी नाली निर्माण प्रस्तावित है।
6. आरसीसी नाली का कार्य — 9.98 लाख रुपये
वार्ड नंबर-08 में फौजदार सिंह के बाउंड्री से सुरेंद्र सिंह बर्नवाल के घर होते हुए कंचन मौर्या के घर तक आरसीसी नाली का निर्माण कराया जाना है।
7. आरसीसी नाली का कार्य — 7.14 लाख रुपये
वार्ड नंबर-06 में अवकाश नगर स्थित ट्रांसफार्मर से डॉ. ब्रजेश सिंह के घर तक आरसीसी नाली निर्माण का कार्य शामिल है।
8. रंगीन इंटरलॉकिंग एवं नाली — 8.90 लाख रुपये
वार्ड नंबर-06/12 में वाराणसी शक्तिनगर मार्ग से अजय बहादुर सिंह के टावर तक रंगीन इंटरलॉकिंग एवं नाली निर्माण कराया जाना है।
9. सीसी रोड एवं आरसीसी नाली — 6.29 लाख रुपये
वार्ड नंबर-06 में राधे भारती के घर से लल्लन गुप्ता के घर तक सीसी रोड और आरसीसी नाली निर्माण का कार्य प्रस्तावित है।
8 अक्टूबर तक मिलेंगे निविदा दस्तावेज
निविदा सूचना के मुताबिक निविदा दस्तावेज 25 सितंबर से 8 अक्टूबर 2026 शाम पांच बजे तक नगर पंचायत चोपन कार्यालय से प्राप्त किए जा सकते हैं।
निविदा डालने की अंतिम तिथि 9 अक्टूबर को दोपहर दो बजे तक निर्धारित है। इसी दिन शाम चार बजे जिला मुख्यालय स्थित जिलाधिकारी कार्यालय सोनभद्र में निविदाएं खोली जाएंगी। निविदा सूचना पर अधिशासी अधिकारी अखिलेश सिंह और नगर पंचायत अध्यक्ष उस्मान अली के हस्ताक्षर दर्ज हैं। सभी नौ कार्यों की अनुमानित लागत को जोड़ने पर कुल राशि 77.47 लाख रुपये बैठती है।
नोट: यह खबर नगर पंचायत द्वारा 24 सितंबर को जारी निविदा सूचना में दर्ज विवरण के आधार पर तैयार की गई है।
ईओ ने कहा- कुछ काम त्रुटिवस होने के कारण निविदा में शामिल, कार्य निरस्त किया गया-:
नगर पंचायत चोपन में निविदा प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों पर अधिशासी अधिकारी अखिलेश सिंह ने संक्षिप्त स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि निविदा में शामिल कुछ कार्य त्रुटिवस जुड़ गए, मामला सामने आने के बाद कार्य को निरस्त किए जाने की बात भी ईओ ने कही। उनके मुताबिक, निरस्त किए गए कार्य के संबंध में बाकायदा विज्ञप्ति जारी कर इसकी जानकारी दी गई है। हालांकि, निविदा जारी होने से पहले कार्य कराए जाने के आरोपों तथा अन्य सवालों पर ईओ ने विस्तृत मौखिक जवाब देने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जानकारी लिखित रूप में विभाग के उच्च अधिकारियों को दी जाएगी। ईओ अखिलेश सिंह ने यह भी कहा कि वह इस मामले में पत्रकारों को बयान देने के लिए अधिकृत नहीं हैं। सच तो ये है “साँच को आँच क्या”!
उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी तथ्य और स्थिति है, उसे विभागीय स्तर पर उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा। अब पूरे मामले में नगर पंचायत की ओर से उच्च अधिकारियों को दी जाने वाली रिपोर्ट और विभागीय जांच महत्वपूर्ण होगी। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि निविदा में शामिल कार्यों की वास्तविक स्थिति क्या थी और उन्हें निविदा प्रक्रिया में शामिल किए जाने से पहले कराए जाने के पीछे क्या प्रक्रिया अपनाई गई।
सवाल तो उठ रहा की पेपर में निकली विज्ञप्ति में भुगतान एक छोटी सी गलती की वजह से लाखों का नुकसान हुआ होगा, तो इसकी भरपाई कौन वहन करेगा।











