रामप्रवेश गुप्ता/बीजपुर
• तेज धमाके के साथ बिखरी गिट्टियों से मची अफरा-तफरी, एक ग्रामीण को गंभीर चोट लगने की सूचना
बीजपुर (सोनभद्र)। स्थानीय थाना क्षेत्र के जरहां ग्राम पंचायत के पौती पाथर टोले में गुरुवार की सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब राखड़ लादकर रेणुकूट की ओर जा रहे एक हाईवा का पिछला टायर पेट्रोल पंप के समीप तेज आवाज के साथ फट गया। टायर फटने के दौरान सड़क किनारे पड़ी गिट्टियां उछलकर आसपास बैठे लोगों को जा लगीं, जिससे कई ग्रामीण घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में घायलों को उपचार के लिए भेजा गया। हादसे में एक व्यक्ति को अधिक चोट लगने की सूचना बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार गुरुवार की सुबह एनटीपीसी के राख बंधे से राखड़ लोडकर एक हाईवा रेणुकूट की तरफ जा रहा था। जैसे ही वाहन जरहां ग्राम पंचायत के पौती पाथर टोले में पेट्रोल पंप के पास पहुंचा, उसी दौरान हाईवा का पिछला टायर अचानक तेज धमाके के साथ फट गया। बताया गया कि जिस स्थान पर टायर फटा, वहां सड़क पर गिट्टियां पड़ी हुई थीं। टायर फटने के दौरान गिट्टियां बिखरकर आसपास बैठे ग्रामीणों की ओर जा गिरीं, जिसकी चपेट में आने से कई लोग घायल हो गए।
अचानक हुए तेज धमाके और गिट्टियों की चपेट में ग्रामीणों के आने से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल घायलों को उपचार के लिए भेजा। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि एनटीपीसी की राख का परिवहन क्षेत्र में लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि राख परिवहन में लगे वाहनों की स्थिति और उनकी फिटनेस को लेकर प्रभावी निगरानी नहीं होने से आए दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उनका आरोप है कि अधिक से अधिक राख परिवहन की होड़ में पुराने और जर्जर वाहनों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसका खामियाजा सड़क किनारे रहने और आवागमन करने वाले ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने राख परिवहन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि वाहनों की नियमित जांच, फिटनेस और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद राख परिवहन से जुड़ी समस्याओं पर एनटीपीसी प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने मांग की कि राख परिवहन में लगे वाहनों की नियमित जांच कराई जाए और मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।











