उदय चंद्र गुर्जर/बीजपुर
सोनभद्र/बीजपुर। यूपी सरकार के “गड्ढा मुक्त सड़क” और 108-112 की “5 मिनट में मदद” के दावों की पोल बुधवार शाम एक सड़क हादसे ने खोल दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिंडारी गांव के बूढ़ा टोला निवासी किसन चंद पुत्र रमाकांत, 29 वर्ष जो नमामि गंगे योजना में फिटर हैं, ड्यूटी निपटाकर बाइक से घर लौट रहे थे। रात करीब 08:45 बजे इंजानी गांव के पिपरहर मोड़ के पास सड़क पर बने गहरे गड्ढे में उनकी बाइक का पहिया फंस गया। बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। हादसा इतना गंभीर था कि किसन चंद के सिर, चेहरे और हाथ-पैर में गहरी चोटें आईं। खून बहने लगा। चेहरे पर चोट के कारण राहगीर उन्हें पहचान नहीं पा रहे थे।
1 घंटे बाद पुलिस, डेढ़ घंटे बाद 108
प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद 112 और 108 पर कॉल की गई। बार-बार आश्वासन के बावजूद मदद नहीं पहुंची। कॉल के करीब 1 घंटे बाद पुलिस और डेढ़ घंटे बाद 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची। इस दौरान घायल सड़क पर तड़पता रहा।
परिजनों को सूचना मिलते ही छोटा भाई अशोक कुमार मौके पर पहुंचा। सरकारी मदद न आती देख अशोक ने अपने खून से लथपथ बड़े भाई को गोद में उठाकर अस्पताल ले जाने का प्रयास किया। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग भावुक हो गए।आखिरकार डेढ़ घंटे बाद पहुंची एंबुलेंस से घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बभनी ले जाया गया।
ग्रामीणों में आक्रोश
ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क वर्षों से क्षतिग्रस्त है। बरसात में गड्ढे और खतरनाक हो जाते हैं। अंधेरे में गड्ढे दिखते नहीं, जिससे आए दिन हादसे होते हैं। PWD और जनप्रतिनिधियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन सिर्फ आश्वासन मिला।
घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोग सवाल कर रहे हैं – क्या यही है गड्ढा मुक्त यूपी और तुरंत मदद का वादा?
स्थानीय प्रशासन से इस मामले में अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।











