प्रशांत कुमार/दुध्दी
• कोटा बोट प्वाइंट पर नहाने के दौरान हुआ था हादसा, पुलिस और स्थानीय गोताखोरों ने चलाया मैराथन रेस्क्यू ऑपरेशन
शक्तिनगर सोनभद्र। शक्तिनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत कोटा बोट प्वाइंट पर रिहंद जलाशय में नहाने के दौरान डूबे दो युवकों के शव बुधवार को बरामद कर लिए गए हैं। लगभग 30 घंटे से भी अधिक समय तक चले सघन खोज एवं बचाव अभियान के बाद शक्तिनगर पुलिस, स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों के अथक प्रयासों से दोनों शवों को जलाशय से बाहर निकाला जा सका। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 2 जून को कोटा बस्ती के रहने वाले दो युवक कोटा बोट प्वाइंट पर नहाने गए थे। नहाते समय पैर फिसलने या अंदाजा न मिल पाने के कारण दोनों युवक गहरे पानी में चले गए और डूब गए। घटना की सूचना मिलते ही शक्तिनगर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। पुलिस टीम ने दिन-रात लगातार रिहंद जलाशय में खोजबीन अभियान चलाया।

पहला शव: बुधवार सुबह करीब 11 बजे पहले युवक पीयूष सिंह उम्र 18 वर्ष पुत्र मिथलेश सिंह, निवासी कोटा बस्ती का शव बरामद किया गया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर शव को तुरंत पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दूसरा शव: दूसरे युवक अंकित दास पुत्र उदय दास की तलाश देर शाम तक जारी रही। अंततः पुलिस, गोताखोरों और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से शाम करीब 6:30 बजे अंकित का शव भी जलाशय से बरामद कर लिया गया। देर शाम होने के कारण अंकित के शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका, जिसे पुलिस ने एनटीपीसी संजीवनी चिकित्सालय की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है। इसका पोस्टमार्टम गुरुवार को कराया जाएगा।
इस बेहद मुश्किल रेस्क्यू अभियान में कोटा बस्ती के स्थानीय निवासी लछमन मल्लाह और शिवशंकर मल्लाह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए पुलिस के साथ मिलकर लगातार खोज अभियान में पूरा सहयोग किया। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन और इन जांबाज गोताखोरों की मेहनत की जमकर सराहना की है।
दोनों युवकों की असमय मौत से कोटा बस्ती सहित पूरे शक्तिनगर क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। इस हृदयविदारक घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि रिहंद जलाशय के खतरनाक और गहरे क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए। साथ ही वहां पर चेतावनी बोर्ड लगाकर लोगों को जागरूक किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।










