उदय सिंह गुर्जर/बीजपुर
बीजपुर से बकरिहवा तक दर्जनों स्कूल इंटर कॉलेज कक्षा 5 और 8 कि मान्यता पर बेखौफ संचालित
बीजपुर(सोनभद्र)। शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के सरकारी दावों के बीच म्योरपुर शिक्षा क्षेत्र के जरहां न्याय पंचायत में शिक्षा व्यवस्था की हकीकत बेहद चौंकाने वाली सामने आ रही है। यहां दर्जनों विद्यालय इंटर कॉलेज बिना मान्यता के धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं जो न केवल नियमों की खुली अवहेलना है बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ भी गंभीर खिलवाड़ है। सूत्रों के अनुसार क्षेत्र में कई ऐसे निजी विद्यालय संचालित हैं जिनके पास न तो कोई मान्यता है और न ही बुनियादी सुविधाएं। इसके बावजूद विद्यालय प्रबंधन अभिभावकों से मोटी फीस वसूल कर शिक्षा का कारोबार चला रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि कुछ स्कूलों ने दूसरे मान्यता प्राप्त विद्यालयों से छात्र अटैचमेंट का सहारा लेकर अपने अवैध संचालन को वैधता का जामा पहनाने का प्रयास किया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शिक्षा विभाग द्वारा निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए तो बीजूपुर से बकरिहवा तक गली मोहल्ले गांव कई ऐसे विद्यालयों की पोल खुल जाएगी और बड़े स्तर पर कार्रवाई संभव है। लेकिन विभागीय अधिकारियों की चुप्पी और निष्क्रियता कई सवाल खड़े कर रही है। लोगों का आरोप है कि संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इतने बड़े पैमाने पर अवैध स्कूलों का संचालन संभव नहीं है। एक ओर सरकार सरकारी विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार अभियान चला रही है वहीं दूसरी ओर उसी सरकार के नुमाइंदे निजी अवैध विद्यालयों को अप्रत्यक्ष संरक्षण देकर सरकारी मंशा पर पानी फेरते नजर आ रहे हैं। इससे सरकारी स्कूलों में नामांकन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। अभिभावकों की गरीबी मजबूरी का फायदा उठाते हुए स्कूल प्रबंधन बच्चों को बेहतर शिक्षा का झांसा देते हैं लेकिन इनके पास न तो प्रशिक्षित शिक्षक उपलब्ध हैं और न ही उचित शैक्षणिक वातावरण। ऐसे में बच्चों का भविष्य अधर में लटकता नजर आ रहा है। क्षेत्रीय नागरिकों ने नवागत जिलाधिकारी और शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और बिना मान्यता संचालित विद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। बताया गया कि क्षेत्र में आधा दर्जन ऐसे विद्यालयों को विभागीय नोटिस तो दी गयी है लेकिन उसपर कब तक अमलजामा पहनाया जाएगा यह साहब की कृपा पर निर्भर करता है। स्थानीय जनता ने डीएम से ऐसे विद्यालयों पर तत्काल ताला बंदी कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। बीईओ म्योरपुर सुनील कुमार ने कहा कि ऐसे कुछ विद्यालयों को नोटिस भेजी गई है करवाई के लिए एफआईआर की पत्र भी गया है कुछ और नोटिस भेजी जा रही है। सम्भवतः एक सप्ताह के भीतर ऐसे विद्यालयों पर ताला बंदी और एक लाख जुबाना की करवाई होनी है।









