उदय सिंह गुर्जर/बीजपुर
बीजपुर/ सोनभद्र। स्थानीय एनटीपीसी द्वारा बिजली वितरण में कथित अनियमितता को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि शांतिनगर मार्केट, डोडहर और पुनर्वास क्षेत्र में रोजाना 10 घंटे से भी कम बिजली आपूर्ति हो रही है। लोगों का कहना है कि कई बार मात्र 5 मिनट बिजली देने के बाद आधे घंटे तक कटौती कर दी जाती है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, एनटीपीसी ने पहले शांतिनगर के लिए अलग ट्रांसफार्मर लगाने की बात कही थी, लेकिन अब प्रबंधन अपने आश्वासन से पीछे हटता दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि वर्ष 1992 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा एनटीपीसी को क्षेत्र में बिजली और पानी उपलब्ध कराने संबंधी निर्देश दिए गए थे। भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट का सीधा असर पेयजल व्यवस्था पर पड़ रहा है। क्षेत्र में कुएं सूखने के कारण अधिकांश लोग बोरिंग के पानी पर निर्भर हैं, लेकिन बिजली कटौती से पानी की समस्या और गंभीर हो गई है। महिलाओं और बच्चों को 43 डिग्री तापमान में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी और बिजली संकट के चलते कई परिवार अपने परिजनों को सिंगरौली भेजने को मजबूर हुए हैं। इस संबंध में एनटीपीसी परियोजना प्रमुख से बात किए जाने पर उन्होंने बताया कि क्षेत्र में कनेक्शनों की संख्या बढ़ने और ओवरलोड की समस्या के कारण दिक्कतें आ रही हैं। साथ ही बिजली वितरण को बिजली बोर्ड को हस्तांतरित किए जाने की बात भी कही। सवाल बना हुआ है कि आखिर कब तक क्षेत्रवासियों को नियमित बिजली और पानी की समस्या से राहत मिलेगी।










