ब्यूरो कार्यालय
कानपुर में बसपा नेता पिंटू सेंगर की हत्या का अधिवक्ता धीरज उर्फ दीनू उपाध्याय और अरिदमन सिंह 200 मीटर दूर छिपकर देख रहे थे। उन्होंने पकड़े जाने से बचने के लिए मोबाइल फोन दूसरी जगह छिपा दिए थे। यह रिपोर्ट जाजमऊ पुलिस ने कोर्ट में प्रस्तुत की गई चार्जशीट में लगाई है। चार्जशीट करीब 900 पन्नों की है जिसमें 55 से 60 गवाहों के बयान, पोस्टमार्टम, फॉरेंसिक, सीडीआर की रिपोर्ट शामिल है। 20 जून 2020 को बसपा नेता पिंटू सेंगर की चार शूटरों ने दिनदहाड़े ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्या कर दी थी। उन्हें भाजपा नेता चंद्रेश सिंह के घर बुलाया गया था। पुलिस ने भाई धर्मेंद्र सिंह सेंगर की तहरीर पर 12 से अधिक नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने हत्या के आरोप में शूटर अहसान कुरैशी, सलमान बेग और मो. फैसल को गिरफ्तार कर लिया था जबकि चौथे आरोपी राशिद कालिया को झांसी पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। उस पर एक लाख रुपये का इनाम था।

आरोपी बनाए गए थे ये लोग
हत्या के आरोप में मो. आसिम उर्फ पप्पू स्मार्ट, तौसीफ उर्फ कुक्कू, श्याम सुशील मिश्रा, तनवीर बादशाह, आमिर उर्फ बिच्छू, सफी हैदर, मो. असलम, मो. अयाज उर्फ टायसन, मनोज गुप्ता, वीरेंद्र पाल समेत अन्य लोग आरोपी बनाए गए थे।
अब तक 17 लोगों की गिरफ्तारी
जांच अधिकारी इंस्पेक्टर जावेद अहमद ने बताया कि हत्या के मामले में अब तक 17 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मंगलवार को प्रस्तुत की गई चार्जशीट में दीनू और अरिदमन सिंह के खिलाफ इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिले हैं। पिंटू सेंगर का कारोबारी पार्टनर मनोज गुप्ता से विवाद चल रहा था। इसकी पंचायत के लिए दीनू उपाध्याय ने पिंटू सेंगर को फोनकर चंद्रेश सिंह के घर बुलाया था। दीनू की अरिदमन सिंह से, अरिमदन सिंह की मनोज गुप्ता से, मनोज गुप्ता की महफूज असलम और अन्य से बातचीत होने के रिकॉर्ड हासिल हुए।










