रामप्रवेश गुप्ता/बीजपुर
काउंटर-ड्रोन तकनीक, प्रशिक्षण व फोरेंसिक जांच को मिलेगा बढ़ावा
बीजपुर (सोनभद्र)। देश के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को उभरते ड्रोन खतरों से सुरक्षित रखने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीएफआई) के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ है। एनटीपीसी रिहंद सीआईएसएफ के उप कमांडेंट प्रकाश ने बताया कि समझौते के तहत ड्रोन एवं काउंटर-ड्रोन तकनीक, प्रशिक्षण, फोरेंसिक जांच और संयुक्त अभ्यास के जरिए सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत किया जाएगा।

सीआईएसएफ मुख्यालय में हुए कार्यक्रम में सीआईएसएफ की ओर से डॉ. सी.डी. नायक और डीएफआई अध्यक्ष स्मित शाह ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। सीआईएसएफ देशभर में 370 से अधिक महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा कर रहा है। अब तक तीन हजार से अधिक कर्मियों को ड्रोन और एंटी-ड्रोन प्रोटोकॉल का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
एमओयू के तहत आरटीसी बहरोड़ को ड्रोन एवं काउंटर-ड्रोन सिस्टम के क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही संदिग्ध ड्रोन की पहचान, ट्रैकिंग और जवाबी कार्रवाई के लिए संयुक्त ड्रिल, रेड-टीमिंग अभ्यास तथा स्वदेशी फोरेंसिक उपकरणों के विकास पर भी काम होगा। सीआईएसएफ महानिदेशक प्रवीर रंजन ने इसे बदलते ड्रोन खतरों के बीच सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम बताया।












