_डीएवी अनपरा के कर्मचारी ने लगाया प्रताड़ना का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग
_स्थानांतरण, अटैचमेंट और निलंबन की कार्रवाई पर उठाए सवाल; प्रबंधन को भेजा शिकायती पत्र
अनपरा (सोनभद्र)। डीएवी पब्लिक स्कूल अनपरा के एक कर्मचारी ने पिछले पांच से छह वर्षों से मानसिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाते हुए विद्यालय प्रबंधन से निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की मांग की है। प्रबंधन को भेजे गए पत्र में कर्मचारी ने दावा किया है कि विद्यालय में कथित अनियमितताओं के संबंध में आवाज उठाने के बाद से उसे लगातार अलग-अलग स्थानों पर भेजा जाता रहा और अंततः निलंबित कर दिया गया।कर्मचारी के अनुसार, वर्ष 2021 में उसे कंप्यूटर लैब से हटाकर फीस काउंटर पर बैठाया गया। अप्रैल 2025 में उसे लखनऊ स्थित डीएवी संस्थान से संबद्ध किया गया, जहां उसके मुताबिक उसे बिना स्पष्ट कार्य के लाइब्रेरी में बैठाकर रखा गया। फरवरी 2026 में अनपरा लौटने के बाद उसे नवनिर्मित डीएवी औड़ी भेजा गया। कर्मचारी का दावा है कि वहां उसने विद्यालय के लिए 40 से 45 विद्यार्थियों के प्रवेश कराने सहित अन्य कार्यों में योगदान दिया। इसके बावजूद 6 जुलाई 2026 को उसे निलंबन पत्र थमाकर डीएवी रॉबर्ट्सगंज से संबद्ध कर दिया गया, जो उसके अनुसार अनपरा से करीब 118 किलोमीटर दूर है। कर्मचारी ने आरोप लगाया कि निलंबन से पहले उससे स्पष्टीकरण नहीं मांगा गया और न ही अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया। उसने अपने मामले की जांच में हो रही देरी पर भी सवाल उठाते हुए पूर्व में की गई शिकायतों एवं संलग्न दस्तावेजों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। कर्मचारी ने पत्र के माध्यम से प्रबंधन से आरोपों की स्पष्ट जानकारी देने, निष्पक्ष जांच कराने तथा नियमानुसार उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। हालांकि, कर्मचारी द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।विद्यालय प्रबंधन का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना है।












