रामप्रवेश गुप्ता बीजपुर
बीजपुर (सोनभद्र)। एनटीपीसी रिहंद की राख ढुलाई में लगे हाइवा वाहनों की बेलगाम रफ्तार पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। मंगलवार सुबह करीब आठ बजे शांतिनगर वैढ़न बाईपास पर तेज रफ्तार एक हाइवा ने सड़क किनारे बैठी शुभचंद पाल की गाय को कुचल दिया। हादसे के बाद चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल गाय को तड़पता देख ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और सड़क पर जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची बीजपुर पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा देकर ग्रामीणों को शांत कराया। पर ग्रामीण एनटीपीसी प्रबंधन व प्रशासन को मौके पर बुलाने पर अड़े रहे । देर शाम तक दोनों ओर गाड़ियों का लंबा जाम लगा रहा ।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंगलवार सुबह शांतिनगर वैढ़न बाईपास पर सामान्य आवाजाही चल रही थी। इसी दौरान एनटीपीसी रिहंद राख बंधे पर राखड़ लेने जा रहे एक तेज रफ्तार हाइवा ने सड़क किनारे बैठी गाय को टक्कर मारकर घायल कर दिया। ग्रामीणों ने वाहन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक रफ्तार बढ़ाकर मौके से भाग निकला। हादसे में गाय के पैर बुरी तरह जख्मी हो गए। घटना से नाराज ग्रामीणों ने सड़क जाम कर राख परिवहन में लगे वाहनों की मनमानी पर रोक लगाने की मांग की।
गौरतलब है कि बीते आठ अक्टूबर को जरहां गांव के पौती पाथर में राख लदे एक हाइवा का टायर फटने से कई बच्चे और ग्रामीण घायल हो गए थे। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने जोरदार आंदोलन किया था। मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार, ब्लॉक प्रमुख सहित अन्य की मौजूदगी में एनटीपीसी प्रबंधन ने राख परिवहन में लगे वाहनों की गति नियंत्रित करने तथा आम लोगों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया था। इसके तहत आबादी वाले क्षेत्रों में सुबह सात से नौ बजे तक राख परिवहन प्रतिबंधित रखने की बात भी कही गई थी।
विडंबना यह है कि मंगलवार को हादसा ठीक सुबह आठ बजे हुआ, जबकि इस समय राख परिवहन प्रतिबंधित रखने का आश्वासन दिया गया था। इससे ग्रामीणों में प्रबंधन के आश्वासनों के प्रति नाराजगी बढ़ गई है। उनका आरोप है कि राख ढुलाई में लगे वाहनों की तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और सुरक्षा नियमों की अनदेखी से आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों का कहना है कि राख परिवहन में लगी गाड़ियों की आवाजाही से रिहायशी क्षेत्रों में राहगीरों, स्कूली बच्चों और मवेशियों की सुरक्षा खतरे में है। इसके बावजूद वाहनों की गति पर प्रभावी नियंत्रण नहीं दिख रहा है। ग्रामीणों ने एनटीपीसी प्रबंधन और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से राख परिवहन के निर्धारित समय का सख्ती से पालन कराने, वाहनों की रफ्तार नियंत्रित करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो वे फिर से व्यापक आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए ठोस कार्रवाई जरूरी है।











