किशन पाण्डेय/सोनभद्र
रेणुकूट (सोनभद्र)। जनपद मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर स्थित रेणुकूट बस अड्डे की बदहाली यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। यहां से वाराणसी, मिर्जापुर, प्रयागराज, कानपुर, जौनपुर और गोरखपुर समेत कई प्रमुख शहरों के लिए बसों से यात्री आवागमन करते हैं, लेकिन बस अड्डे पर बुनियादी सुविधाओं की कमी और दुकानदारों के कब्जे के चलते यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बस अड्डे के परिसर में दुकानदारों का कब्जा होने से यात्रियों को बैठने, बसों का इंतजार करने और बस पकड़ने में परेशानी होती है। बस अड्डे पर फैली गंदगी भी समस्या को और गंभीर बना रही है। यात्रियों को उम्मीद रहती है कि बस अड्डे पर उन्हें बैठने और इंतजार करने के लिए उचित स्थान मिलेगा, लेकिन मौजूदा स्थिति में उन्हें असुविधाओं के बीच समय बिताना पड़ता है।
हैरानी की बात यह है कि रेणुकूट पुलिस चौकी के नजदीक स्थित बस अड्डे की इस समस्या पर भी अब तक प्रभावी कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बस अड्डे की नियमित साफ-सफाई और अतिक्रमण हटाने की दिशा में नगर पंचायत सहित संबंधित जिम्मेदारों को गंभीरता दिखानी चाहिए।
जिम्मेदारों का ध्यान कब जाएगा?
रेणुकूट औद्योगिक क्षेत्र होने के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए भी आवागमन का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में बस अड्डे की अव्यवस्था यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि बस अड्डे को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए, नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए और यात्रियों के बैठने तथा बसों का इंतजार करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाए। अब देखना यह है कि नगर पंचायत और संबंधित प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए कब तक आवश्यक कदम उठाते हैं, ताकि रेणुकूट बस अड्डे पर यात्रियों को राहत मिल सके।












