नई दिल्ली ब्यूरो कार्यालय
गैर-व्यावसायिक वाहन चालकों को बार-बार टोल टैक्स देने से मिलेगी छूट, नए नियम से स्थानीय लोगों को होगा लाभनई दिल्ली। राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए फास्टैग से जुड़े नियमों में बदलाव किया गया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम, 2008 में संशोधन किए जाने के बाद 1 नवंबर 2026 से नया प्रावधान लागू होने की जानकारी सामने आई है। इसके तहत टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले गैर-व्यावसायिक वाहन चालकों को राहत मिलने की बात कही गई है।
नए नियम के अनुसार, टोल प्लाजा के आसपास निर्धारित दायरे में रहने वाले पात्र निजी वाहन चालकों को बार-बार टोल टैक्स देने से छूट मिल सकती है। इससे रोजाना टोल प्लाजा से होकर गुजरने वाले स्थानीय निवासियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय निवासियों को मिलेगी राहत
टोल प्लाजा के नजदीक रहने वाले लोगों को अक्सर अपने दैनिक कार्यों, नौकरी, खरीदारी और अन्य जरूरी कामों के लिए बार-बार टोल मार्ग से गुजरना पड़ता है। ऐसे में उन्हें नियमित रूप से टोल शुल्क चुकाना पड़ता है। नए प्रावधान का उद्देश्य पात्र स्थानीय निवासियों को इस अतिरिक्त आर्थिक बोझ से राहत देना है।
पात्रता और नियमों की जानकारी जरूरी
हालांकि, इस सुविधा का लाभ लेने के लिए वाहन की श्रेणी, निवास संबंधी पात्रता और निर्धारित प्रक्रिया जैसी शर्तों की पुष्टि करना जरूरी होगा। वाहन चालकों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन करने या टोल छूट का दावा करने से पहले राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) अथवा संबंधित टोल प्लाजा से आधिकारिक दिशा-निर्देशों की जानकारी प्राप्त करें।
नए नियम से स्थानीय लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन इसका लाभ उन्हीं वाहन चालकों को मिलेगा जो निर्धारित शर्तों को पूरा करते हैं।











