राजेश गौर/प्रयागराज

प्रयागराज। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद को नजरबंद करने के बाद नैनी में रविवार को बवाल हो गया था। लाठीचार्ज करने पर भड़की हिंसा ने वाहनों में तोड़फोड़ करने के बाद आग लगा दी। पुलिस पर भी हमला किया गया था। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने 75 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। करछना में एक दिन पहले हुए बवाल के मामले में 54 नामजद समेत कुल 604 लोगाें पर एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें से 75 को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार लोगों में 52 नामजद आरोपी हैं जबकि 23 अन्य आरोपी वह हैं, जिन्हें वीडियो फुटेज से चिह्नित किया गया है। आरोपियों में भीम आर्मी के करछना तहसील अध्यक्ष और उपाध्यक्ष भी शामिल हैं, जिनकी तलाश जारी है। इससे पहले पांच थाना क्षेत्रों के 18 गांवाें में रात भर चली कार्रवाई के दौरान आरोपियों को धरपकड़ में पुलिस जुटी रही।

करछना थाना प्रभारी अनूप सरोज की ओर से सोमवार की सुबह सात बजे करछना थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया गया। इसमें आरोप लगाया गया है कि यह पूरा बवाल षडयंत्र के तहत कराया गया। भीम आर्मी यमुनापार के करछना तहसील अध्यक्ष अभय सिंह उर्फ सोनू और तहसील उपाध्यक्ष प्रतीक देव वर्मन ने अन्य साजिशकर्ताओं संग मिलकर लगभग 600 उपद्रवियों को भड़ेवरा बाजार चौराहे पर एकत्रित किया। फिर रामपुर से कोहड़ार जाने वाले एनएच 35 पर जाम लगा दिया। समझाने पर उपद्रवियों ने पुलिस टीम पर हमला किया और राहगीरों के साथ मारपीट करते हुए उनके वाहनों के साथ ही पुलिस की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की।

कई दोपहिया वाहनों में आग भी लगा दी गई। इससे पहले पुलिस ने देर रात तक वीडियो व सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की उपद्रवियों की पड़ताल की।स्थानीय लोगों से पूछताछ करते हुए बवाल में शामिल 52 लोगों को चिह्नित किया गया। पुलिस का दावा है कि जांच में यह बात सामने आई है कि भीम आर्मी के करछना तहसील के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व अन्य लोगों की साजिश से यह बवाल कराया गया।बवाल में शामिल 52 नामजद आरोपी कोर्ट की अनुमति से जेल भेज दिए गए हैं। 23 अन्य आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं जिन्हें मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई हैं।











