रामप्रवेश गुप्ता बीजपुर
बीजपुर (सोनभद्र)। मंगलवार को राखड़ लेने जा रहे एक अनियंत्रित हाईवा की टक्कर से शांति नगर में एक गाय के घायल होने के बाद भड़का जनाक्रोश बुधवार दोपहर शांत हुआ।मंगलवार सुबह से जारी ग्रामीणों का चक्काजाम एनटीपीसी प्रबंधन के साथ वार्ता और मांगों पर सहमति बनने के बाद दोपहर करीब एक बजे समाप्त हो गया।लगभग 28 घंटे बाद मार्ग पर आवागमन बहाल हो सका।हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने राख परिवहन पूरी तरह ठप कर दिया था। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस बल मंगलवार से ही मौके पर मुस्तैद रहा ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे। घायल गाय के समुचित इलाज और क्षतिपूर्ति के लिए 40 हजार रुपये देने पर सहमति बनी।
शांतिनगर में राख वाहनों की बेलगाम गति को नियंत्रित करने के लिए जगह-जगह स्पीड ब्रेकर बनाए जाएंगे वही परिवहन के दौरान उड़ने वाली राख से राहत दिलाने के लिए दिन में छह बार नियमित पानी का छिड़काव किया जाएगा। सुबह 7बजे से 9बजे तक राखड़ वाहनों के आवागमन पर लगे प्रतिबंध का कड़ाई से अनुपालन कराया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना था कि भारी वाहनों की तेज रफ्तार और उड़ती राखड़ से क्षेत्रवासियों का जीना दूभर हो चुका है और लगातार जानलेवा हादसों का डर बना रहता है उन्होंने स्पष्ट किया कि समझौते के सभी बिंदुओं को धरातल पर जल्द लागू किया जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो।
वार्ता में पूर्व जिला पंचायत सदस्य केदार यादव,अमरेश तिवारी शिवधारी गुप्ता, उदय पाल, मानवाधिकार कार्यकर्ता धर्मेंद्र यादव समेत बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण व एनटीपीसी के अधिकारी मौजूद रहे।ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि प्रबंधन वादे के अनुसार समयबद्ध कार्रवाई करेगा।











