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लखनऊ अग्निकांड: आग लगने के बाद क्यों भाग नहीं सके बच्चे, सामने आई मुख्य वजह, दम घुटने से हुईं ज्यादा मौतें

kishan Pandey (Editor)

By kishan Pandey (Editor)

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लखनऊ ब्यूरो कार्यालय

• मौके पर पहुंचे मुख्यमंत्री व रक्षामंत्री, लिया जायजा

लखनऊ। लखनऊ में हुए अग्निकांड में 15 बच्चों की मौत हो गई। इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की वजह से गेट लॉक हो गया और बच्चे उसको खोलकर निकल कर नहीं भाग सके। अलीगंज स्थित एक बिल्डिंग में आग लगने से कोचिंग पढ़ने व एनीमेशन कोर्स करने वाले 15 छात्रों की जलकर मौत हो गई। कई छात्र गंभीर रूप से झुलस गए। जान बचाने के लिए बिल्डिंग से कूदे नौ छात्र गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ का दौरा छोड़कर वापस आए और घटनास्थल का मुआयना किया। रक्षामंत्री एवं राजधानी के सांसद राजनाथ सिंह भी लखनऊ के लिए रवाना हो गए हैं। शॉर्ट सर्किट और एसी का कंप्रेसर फटने के कारण आग लगने की आशंका जताई जा रही है।

अलीगढ़ के पुरनिया स्थित बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप की दुकान है। पहली मंजिल पर पेट शॉप मालिक का वेयरहाउस है। दूसरी मंजिल पर थ्री-डी एनीमेशन ट्रेनिंग सेंटर और गेमिंग जोन के साथ 12वीं तक के विद्यार्थियों की कोचिंग चलती थी। पुलिस के मुताबिक दोपहर करीब ढाई बजे वेयरहाउस में अचानक आग लग गई। चंद मिनटों में आग पूरी बिल्डिंग में फैल गई। बिल्डिंग में मौजूद कई लोग विकराल हुई आग के बीच घिर गए। दूसरी व तीसरी मंजिल पर मौजूद छात्र भीतर ही फंस गए। सूचना पर पहुंची पुलिस और दमकल टीम के साथ एसडीआरएफ ने बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। करीब दो घंटे चले रेस्क्यू के दौरान 15 शव बाहर निकाले गए। वहीं कई झुलसे छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से कई की हालत गंभीर है। हादसे के वक्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री सभा छोड़ तुरंत वापस आए। उनके निर्देश पर प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, डीजीपी राजीव कृष्ण, डीजी फायर सुजीत पांडेय, पुलिस आयुक्त अमरेंद्र सेंगर समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे। देर शाम तक राहत-बचाव कार्य जारी था।

बिल्डिंग में संचालित एनिमेशन सेंटर पूरी तरह से ऑटोमेटिक था। सेंटर का गेट भी बॉयोमीट्रिक व्यवस्था से खुलता था। आग लगते ही गेट लॉक हो गया। भीतर मौजूद लोगों ने काफी प्रयास किया, लेकिन गेट नहीं खुला। गेट इतना भारी था कि उसको भीतर से तोड़ा भी नहीं जा सका। इसके कारण सेंटर के कर्मचारी और वहां ट्रेनिंग ले रहे लोग फंस गए। काफी प्रयास के बाद भी वे लोग बाहर नहीं निकल सके और उनकी मौत हो गई।

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kishan Pandey (Editor)

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किशन पाण्डेय प्रयागराज से ताल्लुक रखते हैं और जनपद सोनभद्र में 15 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में है ये स्थानीय समाचारों के अलावा राजनीतिक व मनोरंजन जैसी खबरों में रूचि रखते हैं। इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य ' हर ख़बरों ' को जनता तक पहुंचाने का कार्य कर रहा हैं।

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