उमेश सागर/शक्तिनगर
शक्तिनगर। कोटा बस्ती में राखड़ वाहनों के बढ़ते आवागमन से परेशान ग्रामीणों ने सोमवार को सड़क पर विरोध जताया। बेला देवी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने राखड़ लदे वाहनों को रोक दिया, जिसके चलते मार्ग पर वाहनों की कतार लग गई। सूचना पर ग्राम प्रधान प्रमोद तिवारी भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याओं का समर्थन किया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भारी वाहनों की आवाजाही से ज्वालामुखी-कोटा, कोटा-खड़िया और कोटा-तेलगवां मार्ग की सड़क लगातार क्षतिग्रस्त हो रही है। राखड़ गिरने के बाद वाहनों के गुजरने से धूल उड़ती है, जिससे दुकानदारों, राहगीरों और स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है।
मौके पर पहुंचे एनटीपीसी के एचआर शशांक मिश्रा को ग्राम प्रधान ने मांगों से संबंधित पत्र सौंपा। पत्र में स्कूल समय के दौरान भारी वाहनों के संचालन पर रोक लगाने की मांग की गई। ग्रामीणों ने सुबह 7 से 9 बजे और दोपहर 12:30 से 2:30 बजे तक बड़े वाहनों के आवागमन को नियंत्रित करने का सुझाव दिया।
इसके साथ ही सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव और सफाई कराने तथा ज्वालामुखी मंदिर से पीडब्ल्यूडी मोड़ होते हुए कोटा चौराहा तक वाहनों की गति 20 किमी प्रति घंटा निर्धारित करने की मांग की गई।
ग्राम प्रधान प्रमोद तिवारी ने कहा कि यदि एक-दो दिन में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान बेला देवी, चंदन सिंह, राजकुमार, लव शर्मा, उत्सव गिरी, सकलदेव सिंह, वीरू कुमार, विक्की शाह और रौनक कुमार समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।











