अनिल अग्रहरी डाला
डाला सोनभद्र। एक हजार से अधीक की आबादी वाला क्षेत्रग्रामीण वर्षो से अनाथ की तरह जीवन यापन कर रहे विरोध प्रदर्शन के माध्यम से सरकार से न्याय हेतु गुहार लगाई
वहीं मिली जानकारी के मुताबिक धौठा टोला पश्चिमी, गोरादह- चुनियरा, पंचूडीह एंव खटखर वर्षो से इन टोलो के ग्रामीण ना ही कोटा ग्राम पंचायत में शामिल हैं ना ही डाला नगर पंचायत में शामिल हैं जो लगभग साढ़े चार वर्ष पूर्व जब कोटा ग्राम पंचायत से विभाजन के दौरान छूट गए और अछूते रह गए यहा के ग्रामीण ना कोटा ग्राम के निवासी रहे ना रहे ना डाला नगर पंचायत के निवासी रहें। वह केवल बीच में लटके हुए हैं
जो ग्रामीण पूर्व में कोटा ग्राम पंचायत के वार्ड 9 से वार्ड 15 के निवासीगण थे और कोटा की शान रहा करता है इन वार्डो में बहुत सारे ग्राम पंचायत द्वारा विकास कार्य करवाया जाता रहा है जो इन ग्रामीणों के लिए सपना हो गया है
यह मामला उस वक्त का है जब डाला नगर पंचायत का सीमांकन अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है जहा नगर पंचायत की एक सीमा निर्धारित करते मानचित्र तैयार कर दिया गया कोटा ग्राम पंचायत से वार्ड 9 से वार्ड 15 को ग्राम पंचायत से अलग कर डाला नगर पंचायत घोषित कर दिया गया मामला उस वक्त फंस गया जब सीमांकन के दौरान जिन वार्ड को नगर पंचायत में शामिल कर किया गया
लेकिन वार्ड के क्षेत्र फल अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं दिया जो वार्ड के शेष आबादी बच गए वह आबादी अनाथ हो गए वहीं जो वार्ड शेष बचे वह कोटा ग्राम पंचायत में यथावत हो गए। लेकिन नगर पंचायत में शामिल वार्डो के शेष ग्रामीण अपने अस्तित्व को लेकर मजबूर हैं वहीं ग्रामीण विश्वनाथ शिवमंगल हरिश्चन्द हरीगोविन्द अशोक राम मनोहर शोभनाथ हीरालाल मोहन सोहन श्रवण पन्नालाल नागेन्द्र हंसलाल सुरेन्द्र प्रेमचन्द आदि लोगो ने बताया कि जब से ग्राम पंचायत कोटा का विभाजन हुआ है उसके बाद से इन क्षेत्रो का विकास कार्य भी अवरूद्ध है।यहा के लोगो को न तो सरकारी पक्का मकान ही आवंटित हो रहा और ना ही अन्य सुविधा ही मुहैया हो पा रहा है।बच्चो के जन्म प्रमाण पत्र,आय,जाति,निवास आदि कागजातो को बनवाने में अड़चने उत्पन्न हो रही है।जिसके कारण समय से बच्चे न तो नौकरी के लिए फार्म भर पा रहे है ना ही अन्य कागजी कार्य हो पा रहे है।जबकि यहा के लोगो को सरकारी सस्ते गल्ले का राशन आज भी सम्बंधित कोटे की दुकान से मिल रहा है।जिसको लेकर परेशान रहवासियो ने गहरा चिंता व्यक्त करते हुए भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ के जिला महामंत्री शंभू सिंह गोंड के नेतृत्व में बैठक कर सोमवार को जनपद में आ रहे प्रभारी मंत्री रविन्द्र जायसवाल से समस्याओ को लेकर मिलना तय किया है।










