सुभाष पाण्डेय मुख्यालय
सोनभद्र में करीब 7 वर्ष पूर्व शादी का झांसा देकर महिला से जबरन दुष्कर्म करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी/सीएडब्ल्यू बिपिन कुमार तृतीय की अदालत ने दोषी बबुन्दर को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने उस पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर 6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समाहित की जाएगी गुरुवार दोपहर 3 बजे मिली जानकारी के मुताबिक घोरावल कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की महिला ने 17 अक्टूबर 2019 को न्यायालय में धारा 156(3) दंड प्रक्रिया संहिता के तहत प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप था कि परसौना गांव निवासी बबुन्दर पुत्र जोखन पहले उसके घर 10 हजार रुपये उधार मांगने आया था। इसके बाद वह अक्सर घर आने लगा और शादी का झांसा देकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म करने लगा पीड़िता के अनुसार आरोपी करीब 6 माह तक उसे ब्लैकमेल कर संबंध बनाता रहा। आरोप है कि उसने धमकाकर 10 हजार रुपये और उसके पति द्वारा भेजे गए 1 लाख रुपये भी ले लिया। इसके अलावा मोबाइल पर अश्लील संदेश भेजकर उसे भयभीत करता था। पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई न होने पर न्यायालय की शरण ली अदालत के आदेश पर घोरावल पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना की। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर विवेचक ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, जान से मारने की धमकी, अमानत में खयानत और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में आरोपपत्र दाखिल किया मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें, गवाहों के बयान और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद बबुन्दर को दुष्कर्म का दोषी ठहराया और 10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।











