किशन पाण्डेय सोनभद्र
• श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक उल्लास के बीच निकली भव्य शोभायात्रा, रिहंद नदी में हुआ गणपति विसर्जन
रेनुकूट(सोनभद्र)। ग्रासिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड, रेनुकूट इकाई में गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर आयोजित पांच दिवसीय गणेश महोत्सव श्रद्धा, भक्ति, सांस्कृतिक उल्लास एवं सामुदायिक सहभागिता के साथ संपन्न हुआ। पांच दिनों तक चले इस आयोजन में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रासिम के कर्मचारियों, उनके परिवारों तथा स्थानीय समुदाय के लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

गणेशोत्सव का शुभारंभ प्रथम दिवस भगवान श्री गणेश की विधि-विधानपूर्वक स्थापना एवं पूजन के साथ हुआ। गणपति बप्पा की आरती, भजन-कीर्तन एवं जयघोष से पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।
द्वितीय दिवस सुंदरकांड पाठ एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से सुंदरकांड पाठ में सहभागिता की।

इसके बाद आयोजित भजन संध्या में भक्तिमय गीतों ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। महोत्सव के तृतीय एवं चतुर्थ दिवस पर भी विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

भजन-कीर्तन, सामूहिक आरती एवं अन्य आयोजनों में कर्मचारियों और स्थानीय समुदाय की बढ़-चढ़कर भागीदारी रही। पूरे आयोजन के दौरान कॉलोनी में उत्सव और उमंग का माहौल बना रहा। पंचम दिवस पर गणेशोत्सव का भव्य समापन हुआ। भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना एवं दर्शन के पश्चात ग्रासिम रेनुकूट कॉलोनी में गणपति बप्पा की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में श्रद्धालु भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़ों और जयघोष के साथ शामिल हुए। भक्तों ने नृत्य करते हुए गणपति बप्पा को भावपूर्ण विदाई दी और कॉलोनी की परिक्रमा की। इसके पश्चात श्रद्धालुओं की मौजूदगी में रिहंद नदी में विधि-विधानपूर्वक गणपति विसर्जन किया गया।

विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं ने भावुक होकर गणपति बप्पा को विदाई दी और ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयघोष से वातावरण गुंजायमान कर दिया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान श्री गणेश से सभी के सुख, शांति, समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की।

साथ ही ग्रासिम इंडस्ट्रीज रेनुकूट इकाई की निरंतर प्रगति, कर्मचारियों एवं उनके परिवारों की खुशहाली तथा क्षेत्र में आपसी सौहार्द बनाए रखने की प्रार्थना की। पांच दिवसीय गणेश महोत्सव आस्था, भक्ति, संस्कृति, सामूहिक सहभागिता एवं आपसी सौहार्द का सुंदर संगम रहा। भक्तिमय वातावरण और गणपति बप्पा के जयघोष के बीच महोत्सव का सफलतापूर्वक समापन हुआ।













