किशन पाण्डेय/सोनभद्र
सोनभद्र। उत्तर प्रदेश विधान परिषद स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन-2026 के तहत 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान में मतदाता सूची में मामूली लिपिकीय या मुद्रण संबंधी त्रुटियों के कारण किसी भी पात्र मतदाता को मतदान से वंचित नहीं किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने इस संबंध में सभी संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रदेश के पांच स्नातक एवं छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में होने वाले द्विवार्षिक निर्वाचन के दौरान मतदाता सूची में नाम या अन्य विवरणों में आंशिक त्रुटियां पाए जाने पर भी मतदान का अवसर दिया जाएगा, बशर्ते संबंधित मतदाता की पहचान सुनिश्चित हो जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई मतदाता मतदान केंद्र पर पहुंचता है और उसके विवरण में लिपिकीय अथवा मुद्रण संबंधी अशुद्धि पाई जाती है, तो पीठासीन अधिकारी या मतदान अधिकारी अनुमन्य दस्तावेजों तथा मतदाता सूची में दर्ज अन्य विवरणों के आधार पर उसकी पहचान की पुष्टि करेंगे। पहचान से संतुष्ट होने पर मामूली त्रुटियों को नजरअंदाज करते हुए मतदाता को अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अनुमति दी जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं मतदान कार्मिकों को इन निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही, सभी संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मतदान प्रक्रिया सुचारु, निष्पक्ष एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके और किसी पात्र मतदाता को केवल तकनीकी त्रुटि के कारण मतदान से वंचित न होना पड़े।












